Himachal: अधिष्ठाता रघुनाथ जी की भव्य रथ यात्रा के साथ कुल्लू का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव शुरू

Edited By Vijay, Updated: 02 Oct, 2025 07:17 PM

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अधिष्ठाता रघुनाथ जी की भव्य रथ यात्रा के साथ कुल्लू का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव वीरवार को शुरू हो गया। वीरवार दोपहर बाद करीब 3 बजे रघुनाथ जी रघुनाथपुर स्थित अपने देवालय से ढालपुर के लिए पालकी में सवार होकर निकले।

कुल्लू: अधिष्ठाता रघुनाथ जी की भव्य रथ यात्रा के साथ कुल्लू का अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव वीरवार को शुरू हो गया। वीरवार दोपहर बाद करीब 3 बजे रघुनाथ जी रघुनाथपुर स्थित अपने देवालय से ढालपुर के लिए पालकी में सवार होकर निकले। रघुनाथ जी के आगे सुरक्षा कर्मी बैंड-बाजे के साथ चले और सैंकड़ों लोगों व देवी-देवताओं के साथ ढालपुर स्थित रथ मैदान में पहुंचे। ढालपुर में हजारों लोगों की भीड़ के बीच भव्य रथ में रघुनाथ जी, माता सिया और लखन सहित रथ में सवार हुए। 
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रथ यात्रा में देवी हिडिम्बा, बिजली महादेव व देवता नाग धूमल सहित अन्य देवी-देवताओं ने शिरकत की। बड़ी संख्या में देवी-देवताओं की मौजूदगी के बीच शाम 5 बजे ढालपुर मैदान के सामने पहाड़ी पर स्थित भेखली में देवी भुवनेश्वरी जगन्नाथी लश्कर के साथ निकली और पूईद में भी देवी का रथ उसी समय निकला। वहां से ध्वज फहराकर इशारा मिलने पर ढालपुर मैदान में भगवान रघुनाथ जी का रथ आगे बढ़ने लगा। हजारों लोगों ने रथ की डोर खींचकर व रथ यात्रा के दर्शन करके पुण्य कमाया। लोग जय श्रीराम के उद्घोष के साथ भगवान के रथ को अस्थायी शिविर तक लेकर आए, जिसके बाद रघुनाथ जी की पूजा-अर्चना के उपरांत अस्थायी शिविर में विराजमान हुए। अब रघुनाथ जी 7 दिनों तक यहीं विराजमान रहेंगे।
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इससे पूर्व रथ मैदान में रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह, कारदार दानवेंद्र सिंह, हितेश्वर सिंह व आदित्य विक्रम सिंह सहित अन्य सदस्यों ने रथ की परिक्रमा की। रघुनाथ जी के मंदिर में भी रघुनाथ जी के प्रस्थान से पूर्व देवता नारसिंह की घोड़ी की पूजा हुई और मंदिर में भी पूजा-अर्चना हुई। ढालपुर में रघुनाथ की भव्य रथ यात्रा के साक्षी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उनकी धर्मपत्नी, विधायक सुंदर ठाकुर, विधायक सुरेंद्र शौरी व डीसी तोरुल एस. रवीश सहित अन्य अधिकारी व गण्यमान्य लोग बने।

ढालपुर मैदान में 250 से अधिक देवी-देवता पहुंचे हैं, जो 7 दिन तक अस्थायी शिविरों में विराजमान रहेंगे। दशहरा उत्सव के अंतिम दिन लंका दहन के मौके पर रघुनाथ जी के रथ को कैटल मैदान तक लाया जाएगा। लंकाबेकर क्षेत्र में लंका दहन के उपरांत भगवान रघुनाथ जी के रथ को वापस रथ मैदान लेकर जाएंगे, जिसके उपरांत रघुनाथ जी सभी देवी-देवताओं से विदा लेकर वापस अपने देवालय रघुनाथपुर लौटेंगे।

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