Edited By Vijay, Updated: 03 May, 2026 06:41 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की नगर पंचायत गगरेट के चुनावी रण में इस बार ऐसा सियासी तड़का लगा है कि हर गली-मोहल्ले में बस इसी मुकाबले की चर्चा है। आमतौर पर देखा गया है कि पति-पत्नी अलग-अलग पदों के लिए चुनावी मैदान में उतरते हैं लेकिन यहां तो मामला एक...
गगरेट (हनीश): हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की नगर पंचायत गगरेट के चुनावी रण में इस बार ऐसा सियासी तड़का लगा है कि हर गली-मोहल्ले में बस इसी मुकाबले की चर्चा है। आमतौर पर देखा गया है कि पति-पत्नी अलग-अलग पदों के लिए चुनावी मैदान में उतरते हैं लेकिन यहां तो मामला एक कदम आगे निकल गया। एक ही वार्ड, एक ही सीट और आमने-सामने पति-पत्नी की सीधी टक्कर ने पूरे चुनाव को ही अनोखा मोड़ दे दिया है।
जब पति-पत्नी एक साथ वार्ड पंच पद के लिए नामांकन भरने पहुंचे तो माहौल देखते ही बनता था। एक ही घर लेकिन चुनावी राहें अलग-अलग। इस नजारे ने पूरे क्षेत्र को चौंका दिया है। कुसुमलता, जो पिछले कार्यकाल में उपप्रधान रह चुकी हैं, अपने काम और पकड़ के दम पर मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ तरसेम लाल का अनुभव इस मुकाबले को और धार दे रहा है। नगर पंचायत की स्थापना के बाद से करीब 6 बार मैदान में उतर चुके तरसेम लाल 4 बार जीत का परचम लहरा चुके हैं।
हार भी मिली तो महज 3 और 6 वोट के मामूली अंतर से, यानी मुकाबले के पुराने माहिर खिलाड़ी हैं। इस ‘घर की जंग’ में तरसेम लाल का सगा भतीजा सज्जन शर्मा भी मैदान में उतर आया है और उसने नामांकन भरकर मुकाबले को और उलझा दिया है। ऊपर से विकास कालिया की एंट्री ने इस सीट को पूरी तरह चार कोणीय बना दिया है, जहां हर उम्मीदवार अपनी-अपनी चाल चलने में जुटा है।
अब यह मुकाबला सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि परिवार के भीतर सियासी वर्चस्व की जंग बन चुका है। वार्ड नंबर-1 की यह टक्कर गगरेट की सबसे ‘हॉट सीट’ बन गई है, जहां हर वोट की कीमत और हर चाल का असर सीधा दिखने वाला है। अब सबकी नजरें 6 तारीख पर टिक गई हैं। नाम वापसी के दिन क्या कोई पीछे हटेगा या फिर यह ‘फैमिली ड्रामा’ चुनावी मैदान में आखिरी तक चलता रहेगा, यही सवाल हर किसी की जुबान पर है। फिलहाल तो वार्ड नंबर-1 ने पूरे गगरेट के चुनाव को सबसे ज्यादा दिलचस्प और मसालेदार बना दिया है।
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