Edited By Vijay, Updated: 17 Mar, 2026 06:35 PM

माचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) प्रशासन ने परीक्षाओं में नकल करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय की परीक्षा अनुशासन समिति ने विभिन्न परीक्षाओं में नकल के मामलों की जांच पूरी करने के बाद 7 विद्यार्थियों को दोषी पाया...
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) प्रशासन ने परीक्षाओं में नकल करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय की परीक्षा अनुशासन समिति ने विभिन्न परीक्षाओं में नकल के मामलों की जांच पूरी करने के बाद 7 विद्यार्थियों को दोषी पाया है। इन सभी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके संबंधित विषयों के पेपर रद्द कर दिए गए हैं।
जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार परीक्षा अनुशासन समिति ने बैठक कर इन सभी मामलों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर 7 विद्यार्थियों को परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने का दोषी पाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सख्त निर्णय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अध्याय-4 के प्रावधानों के अंतर्गत लिया गया है।
इन कोर्सिज के छात्रों पर गिरी गाज
जिन विद्यार्थियों पर यह गाज गिरी है, वे विभिन्न स्नातकोत्तर और स्नातक कोर्सिज के हैं। इनमें एमएससी (गणित), एमकॉम, बीसीए, एमए (हिन्दी) और बीए एलएलबी जैसे कोर्सेज के विद्यार्थी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इन छात्रों के अक्तूबर व नवम्बर (2025 सत्र) की परीक्षाओं के संबंधित पेपर रद्द किए गए हैं।
नकल पर एचपीयू प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई के साथ ही एचपीयू प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों को एक कड़ा संदेश भी दिया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए अनुचित साधनों (नकल) के प्रयोग पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कोई छात्र परीक्षाओं में नकल करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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