Edited By Swati Sharma, Updated: 19 Apr, 2026 10:58 AM

Himachal Panchayat Election : हिमाचल प्रदेश में देरी से हो रहे पंचायत चुनावों के लिए मची गहमागहमी के बीच बिलासपुर जिले के एक गांव में मतदान के बजाय आपसी सहमति से पंचायत के प्रमुख पदाधिकारियों का चयन किया गया। जिले के घुमारविन उपमंडल में दाधोल और...
Himachal Panchayat Election : हिमाचल प्रदेश में देरी से हो रहे पंचायत चुनावों के लिए मची गहमागहमी के बीच बिलासपुर जिले के एक गांव में मतदान के बजाय आपसी सहमति से पंचायत के प्रमुख पदाधिकारियों का चयन किया गया। जिले के घुमारविन उपमंडल में दाधोल और पद्यालाग पंचायतों से अलग होकर बनी नवगठित छंदोह पंचायत ने शनिवार को एक अनूठी मिसाल कायम की।
सुभाष रनौत को चुना गया प्रधान
इस पंचायत ने विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रधान, उप-प्रधान और पांच वार्ड सदस्यों के नामों पर सर्वसम्मति बनाकर उन्हें निर्विरोध चुन लिया। पूर्व पंचायत प्रमुख मेहर सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सभी पदों के लिए नामों को अंतिम रूप दिया। सुभाष रनौत को प्रधान चुना गया, जबकि बलजीत कश्यप को उप प्रधान नामित किया गया। पांच वार्ड सदस्यों पर भी आम सहमति बन गई और जसवानी से सोनू, मरयानी से प्रकाश, पन्याली से बनिता, दोहरू से पूनम और छंदोह से ओंकार को पंचायत सदस्य के रूप में चुना गया। हालांकि, उच्चतम न्यायालय द्वारा राज्य में 3,600 से अधिक स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित किए जाने के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए विकल्प खुला रहेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार को बड़ी राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने 13 फरवरी को राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने की उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित समय सीमा को 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई कर दिया था।
'विकास को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेगी पूरी टीम'
रनौत ने प्रधान नियुक्त होने के बाद कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सड़कों की खराब स्थिति में सुधार करना और क्षेत्र में हैंडपंप लगाकर पेयजल संकट का समाधान करना शामिल है। उप प्रधान कश्यप ने कहा कि पूरी टीम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेगी।
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