Edited By Vijay, Updated: 03 Jan, 2026 04:53 PM

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के सैंटर फॉर डिस्टैंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) में चल रहे विभिन्न कोर्सिज की एडमिशन में फीस में वृद्धि कर दी गई है।
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के सैंटर फॉर डिस्टैंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) में चल रहे विभिन्न कोर्सिज की एडमिशन में फीस में वृद्धि कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार एडमिशन फीस से जुड़े अलग-अलग मदों पर अधिकतम 20 प्रतिशत तक की वृद्धि पर विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) ने मंजूरी प्रदान कर दी है। ऐसे में अब सीडीओई में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान बढ़ी हुई एडमिशन फीस देनी होगी। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कमेटी रूम में आयोजित हुई ईसी की बैठक में एचपीयू के सैंटर फॉर डिस्टैंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन यानी कि इक्डोल में एडमिशन में फीस वृद्धि का प्रस्ताव पेश हुआ है। इस दौरान प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा करने के उपरांत फीस वृद्धि पर मोहर लगाई गई। इससे अब आगामी समय में सैंटर फॉर डिस्टैंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को बढ़ी हुई फीस देनी होगी। बैठक के दौरान कई अन्य निर्णय लिए गए।
संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में शुरू होंगे 2 नए कोर्स
एचपीयू से संबद्धता प्राप्त काॅलेजों में स्नातक स्तर पर 2 नए कोर्स शुरू होंगे। ईसी ने काॅलेजों में डाटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस (एआई) कोर्सिज शुरू करने को ईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी है। विश्वविद्यालय में इस विषयों पर फोकस करने के साथ ही शोध केंद्र स्थापित करने के बाद अब अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थी कालेजों में भी इन कोर्सिज में पढ़ाई कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अधिक विकल्प मिल सकेंगे। ईसी से मंजूरी मिलने के बाद अब इन कोर्सिज का पाठ्यक्रम फाइनल करने के बाद अगले सत्र से इन कोर्सिज में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
अकादमिक काऊंसलर का पद सृजित करने काे स्वीकृति
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस नियमित बैठक में ईसी ने सीडीओई में व्यक्तिगत संपर्क कार्यक्रम व अध्ययन सामग्री लेखन के लिए और असाईनमैंट का मूल्यांकन करले के अलावा प्रोजैक्ट आदि के लिए यूजीसी के नियमानुसार एक अकादमिक काऊंसलर का पद सृजित करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। अब जल्द इस पद पर भर्ती प्रक्रिया की कवायद शुरू होगी। बैठक में पूर्व में आयोजित हुई वित्त समिति की सभी सिफारिशों को स्वीकृति प्रदान की गई।
अकादमिक काऊंसिल की सिफारिशों को मंजूरी
ईसी की बैठक में अकादमिक काऊंसिल की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की गई। अकादमिक काऊंसिल ने बीते दिसम्बर माह में आयोजित हुई बैठक में दिव्यांग छात्रों के लिए परीक्षाओं के दौरान सहायक लिपिक के पारिश्रमिक को मंजूरी दी थी। इसके अलावा वर्तमान सत्र में शुरू किए गए 5 शोध केंद्रों को विभिन्न संबंधित संकायों/विभागों के अधीन करने की स्वीकृति दी थी। एमटीटीएम, एमएचएम, एमए शारीरिक शिक्षा और एमपीएड के पाठ्यक्रम में आंशिक संशोधन, विभिन्न विषयों में पीएचडी और एमएससी गणित परियोजनाओं के लिए संशोधित परीक्षा प्रणाली को स्वीकृति दी गई है।
सहायक आचार्य के 2 पदों पर नियुक्ति करने को मिली स्वीकृति
ईसी ने चयन समिति की संस्तुति के उपरांत सहायक आचार्य भौतिकी व सहायक आचार्य इलैक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी में एक-एक पद पर नियुक्ति प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा ईसी ने इसी वर्ष से विश्वविद्यालय में पार्ट टाईम पीएचडी शुरू करने के लिए भी स्वीकृति प्रदान की।
एनईपी काे अगले सत्र से लागू करने की तैयारियां पूरी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने को लेकर शुक्रवार को ईसी की बैठक में लंबी चर्चा हुई। इस दौरान तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि एचपीयू ने अपने स्तर पर इसे अगले सत्र से लागू करने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब सरकार के आदेशों के अनुसार इसे लागू किया जाएगा।
बैठक में ये रहे माैजूद
बैठक में विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. राजेंद्र वर्मा, विधायक शिमला शहरी हरीष जनार्था, प्रो. सतेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. मोहन झारटा, विशेष सचिव (वित्त), विजय वर्धन, निदेशक उच्चतर शिक्षा डाॅ. अमरजीत सिंह, रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौषल, प्रो. देस राज ठाकुर, डाॅ. बलजीत सिंह पटियाल, सुशील कुमार बस्सी, डाॅ. संजीव कुमार बरागटा व सुरेश कुमार वर्मा उपस्थित रहे।