शिमला में हाई वोल्टेज ड्रामा: बीच सड़क पर पुलिस ने घेरी पूर्व कांग्रेस नेता की गाड़ी, लगाए गंभीर आरोप

Edited By Jyoti M, Updated: 09 Apr, 2026 01:03 PM

himachal police surround former congress leader s car in the middle of the road

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में वीरवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब पुलिस ने पूर्व कांग्रेस नेता की गाड़ी को बीच रास्ते में रोक लिया। इस कार्रवाई से नाराज नेता ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए हैं।

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में वीरवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब पुलिस ने पूर्व कांग्रेस नेता की गाड़ी को बीच रास्ते में रोक लिया। इस कार्रवाई से नाराज नेता ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए हैं।

"ऊपर से आदेश" का हवाला

जब पूर्व कांग्रेस नेता को रास्ते में रोका गया, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से इसका कारण पूछा। नेता का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें "ऊपर से आदेश" मिले हैं। इस जवाब से असंतुष्ट होकर नेता ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के कारण परेशान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत बनी वजह?

नेता ने मौके पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) में शिकायत दर्ज कराई है। उनका मानना है कि इसी शिकायत का बदला लेने के लिए पुलिस उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वे अस्पताल जा रहे थे, फिर भी उन्हें रोका गया।

सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

हंगामे के दौरान नेता ने पुलिस पर अगवा करने की कोशिश का गंभीर आरोप भी जड़ा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "अगर मुझे कुछ भी होता है या मेरे साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे।"

फेसबुक के जरिए लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके पास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत है, फिर भी पुलिस उनका पीछा नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद से ही पुलिस उनकी निगरानी कर रही है।

8 अप्रैल को एक होटल में उनके बेटे और वकील से भी पूछताछ की गई। उन्हें कांग्रेस मुख्यालय और वकील के चैंबर के बाहर भी रोकने की कोशिश की गई।

स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं

इस पूरे विवाद पर अभी तक हिमाचल सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, इस घटना ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

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