Himachal: मेहनतकश हाथों को मिला कामगार कल्याण बोर्ड का सहारा, बच्चों के सपनों में भरे रंग

Edited By Jyoti M, Updated: 04 Mar, 2026 03:30 PM

himachal hardworking hands get support from labour welfare board

ऊना जिले के बसाल में नरेश कुमार का एक छोटा-सा घर है। छह सदस्यों के इस परिवार की रोज़ी-रोटी नरेश के रंग-रोगन के काम पर ही टिकी है। महीने की करीब 10 से 12 हजार रुपये की आमदनी में घर चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का खर्च उनके लिए एक बड़ी...

ऊना। ऊना जिले के बसाल में नरेश कुमार का एक छोटा-सा घर है। छह सदस्यों के इस परिवार की रोज़ी-रोटी नरेश के रंग-रोगन के काम पर ही टिकी है। महीने की करीब 10 से 12 हजार रुपये की आमदनी में घर चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का खर्च उनके लिए एक बड़ी चिंता बन गया था। बेटी पूजा एमए करना चाहती थी। बेटा आईटीआई की सोच रहा था। दोनों पढ़ना चाहते थे, आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन घर की हालत देखकर अपनी जरूरतें दबा लेते थे। पूजा कहती हैं कि मन तो था आगे पढ़ने का, लेकिन कई बार लगा कि पापा पर बोझ न बन जाऊं।

इसी बीच हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से मिली आर्थिक सहायता ने इस परिवार की बड़ी चिंता दूर कर दी। फीस और पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए नरेश कुमार के परिवार को बोर्ड से 1 लाख 8 हजार रुपये की मदद मिली। नरेश बताते हैं कि वे बोर्ड में पंजीकृत मजदूर हैं। वहीं से उन्हें जानकारी मिली कि बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता मिलती है। जब यह सहायता मिली तो बच्चों की पढ़ाई का रास्ता आसान हो गया। 

अब घर का माहौल बदल चुका है। पूजा डिग्री कॉलेज ऊना से एमए इकोनॉमिक्स कर रही हैं और प्रोफेसर बनने का सपना संजोए हुए हैं। बेटा गगरेट से आईटीआई कर रहा है और अपने पैरों पर खड़ा होने की तैयारी में है। नरेश अब अपनी मां, पत्नी और तीन बच्चों के साथ पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करते हैं।

वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रति आभार जताते हुए कहते हैं कि सरकार की इस योजना की बदौलत उनके बच्चे पढ़ पा रहे हैं, उनके लिए इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। यह कहानी सिर्फ नरेश की ही नहीं है। ऊना जिले में उनके जैसे सैकड़ों मजदूर परिवारों के लिए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड सुख दुख का पक्का साथी और सहारा है।

कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं से श्रमिकों को मिल रहा व्यापक लाभ : कंवर

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हजारों पंजीकृत निर्माण कामगारों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रही है।

उन्होंने कहा कि बोर्ड शिक्षा सहायता, मातृत्व लाभ, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता और पेंशन जैसी कई योजनाओं के माध्यम से कामगारों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है, ताकि वे अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन यापन कर सकें।

सुनिश्चित कर रहे कोई भी पात्र योजनाओं के लाभ से न छूटे: उपायुक्त

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ पात्र निर्माण कामगारों तक पहुंचे, इसके लिए जिला प्रशासन समन्वय और जागरूकता पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी पात्र कामगार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

कामगारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं

ऊना के जिला श्रमिक कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि लाभार्थियों को पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के तहत योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के तहत स्वयं के विवाह और दो बच्चों के विवाह के लिए 51–51 हजार रुपये, मातृत्व व पितृत्व सुविधा, चिकित्सा सहायता में 50 हजार से 5 लाख रुपये तक तथा शिक्षा सहायता में पहली कक्षा से पीएचडी तक 8400 से 1.20 लाख रुपये तक आर्थिक मदद दी जाती है।

इसके अलावा 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1 हजार रुपये पेंशन, सदस्य की मृत्यु पर आश्रितों को 2 से 4 लाख रुपये, अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये, बेटी जन्म उपहार योजना के तहत 51 हजार रुपये, विधवा पेंशन, होस्टल सुविधा तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

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