बाल कल्याण समिति की बैठक आयोजित, अतिरिक्त उपायुक्त ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

Edited By Jyoti M, Updated: 25 Feb, 2026 03:39 PM

child welfare committee meeting held

बाल कल्याण समिति ऊना की त्रैमासिक बैठक आज अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर की अध्यक्षता में उनके चैम्बर में आयोजित की गई।  बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बाल कल्याण समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ऊना। बाल कल्याण समिति ऊना की त्रैमासिक बैठक आज अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर की अध्यक्षता में उनके चैम्बर में आयोजित की गई।  बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बाल कल्याण समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि बच्चों से सम्बंधित कोई भी मामला समिति के संज्ञान में आते ही तुरंत उपायुक्त के ध्यान में लाया जाए ताकि समय पर उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत 30 सितम्बर, 2025 तक 516 लाभार्थियों को 1,22,88,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के माध्यम से 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों की देखभाल का जिम्मा लिया है। इसमें अनाथ बच्चों के साथ ही परित्यक्त अथवा सरेंडर बच्चे और एकल नारी भी सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। लाभार्थी की पारिवारिक आय सभी स्रोतों से पांच लाख रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा लाभार्थी अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए 29 लाभार्थियों को 13,88,043 रुपये,  व्यावसायिक शिक्षा के लिए 13 लाभार्थियों 4,82,810 रुपये, कोचिंग के लिए 2 लाभार्थियों को 1,48,00 रुपये, कौशल विकास के लिए एक लाभार्थी को 98 हजार रुपये, माइक्रो इंटरप्राईजिज के लिए 8 लाभार्थियों को 16 लाख रुपये, सामाजिक सुरक्षा में 289 लाभार्थियों को 11,50,533 रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त घर बनाने के लिए 23 लाभार्थियों को पहली किस्त के 23 लाख रुपये, 16 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के 16 लाख रुपये और 10 लाभार्थियों को तीसरी किस्त के 5 लाख रुपये जारी किए गए।

चाइल्ड हेल्पलाइन पर आए 125 मामले

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले में अपै्रल से फरवरी, 2026 तक चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर कुल 125 मामले प्राप्त हुए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई। चाइल्ड हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, बाल शोषण (मानसिक,भावनात्मक,हिंसक) से जुड़े 22 मामले दर्ज किए गए, जबकि बाल परिवार से संबंधित उत्पीड़न के 17 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त बाल भिक्षावृत्ति के 25, लापता बच्चे, मानव तस्करी, साइबर क्राइम, शिक्षा से वंचित बच्चे, भावनात्मक सहयोग और बाल श्रम जैसे मामलों में 47 शिकायतें प्राप्त हुईं। अन्य श्रेणी के अंतर्गत 13 मामले प्राप्त हुए।

बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी, आवास पंडित, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना हरीश मिश्रा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप, जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा, जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी प्रिस पठानिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।
 

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