Edited By Jyoti M, Updated: 05 Jan, 2026 05:01 PM

सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना जरूरतमंद युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उपमंडल जोगिंद्रनगर के भजराला गांव के हंसराज और अक्षित कुमार इसके सशक्त उदाहरण हैं, जिन्हें सरकार की इस योजना के तहत न केवल आवास निर्माण के लिए...
जोगिंद्रनगर, (अमिता) : सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना जरूरतमंद युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उपमंडल जोगिंद्रनगर के भजराला गांव के हंसराज और अक्षित कुमार इसके सशक्त उदाहरण हैं, जिन्हें सरकार की इस योजना के तहत न केवल आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार की ओर से दोनों लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है।
योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा हंसराज और अक्षित कुमार को हर माह चार-चार हजार रुपए की पॉकेट मनी भी प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल रही है। हंसराज ने इस योजना के तहत स्वरोजगार के लिए भी आवेदन किया था, जिस पर राज्य सरकार ने उन्हें 1,76,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिली है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी चौंतड़ा बालम राम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। जोगिंद्रनगर उपमंडल में योजना के तहत अब तक चार लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही दो लाभार्थियों को व्यवसाय के लिए कुल 3 लाख 76 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त योजना के अंतर्गत 44 बच्चों को हर माह चार-चार हजार रुपए पॉकेट मनी भी प्रदान की जा रही है, जिससे उनके पालन-पोषण और अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।