Mandi: सरकारी स्कूल के छात्र का कमाल, NEET में हासिल किए 97.40 परसैंटाइल...अब इस मेडिकल कॉलेज से करेगा MBBS की पढ़ाई

Edited By Vijay, Updated: 27 Sep, 2025 07:15 PM

government school student scores 97 40 percentile in neet

दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है, इस बात को सच साबित कर दिखाया है मंडी जिले के एक छोटे से गांव के होनहार छात्र प्रियांशु वर्मा ने। बल्द्वाड़ा तहसील के धुरखड़ी गांव निवासी प्रियांशु ने हाल ही में घोषित नीट परीक्षा में...

मंडी (रजनीश): दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है, इस बात को सच साबित कर दिखाया है मंडी जिले के एक छोटे से गांव के होनहार छात्र प्रियांशु वर्मा ने। बल्द्वाड़ा तहसील के धुरखड़ी गांव निवासी प्रियांशु ने हाल ही में घोषित नीट परीक्षा में 97.40 परसैंटाइल हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। इस शानदार सफलता के साथ ही उनका चयन एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए प्रतिष्ठित डॉ. राधाकृष्ण मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में हुआ है।

प्रियांशु की यह सफलता इसलिए भी खास और प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा सरकारी स्कूलों से प्राप्त की है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 5 तक) राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला कोट हटली से पूरी की और इसके बाद छठी से बारहवीं तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोट हटली से ग्रहण की। बिना किसी बड़े शहर की कोचिंग या महंगे निजी स्कूल के प्रियांशु ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो तो सरकारी स्कूलों के छात्र भी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में परचम लहरा सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि उन हजारों छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत है जो सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं। यह परिणाम सरकारी स्कूलों में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों के समर्पण को भी रेखांकित करता है।

प्रियांशु को शिक्षा और मेहनत की प्रेरणा अपने परिवार से ही मिली है। उनके बड़े भाई शुभम वर्मा भी इसी सरकारी स्कूल से पढ़े हैं और वर्तमान में एनआईटी हमीरपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता, जो स्वयं एक शिक्षक हैं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तलेली में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनकी माता एक कुशल गृहिणी हैं और उन्होंने हमेशा अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रियांशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और अपने शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया है। उनकी इस कामयाबी से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।

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