Kangra: रैहन में छिंज मेला की तैयारियां जोरों पर, भक्ति के रंग में डूबा मंदिर परिसर

Edited By Swati Sharma, Updated: 15 Feb, 2026 01:53 PM

kangra preparations for chhinj fair in full swing in rehan

Kangra News (दुर्गेश कटोच): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर क्षेत्र में स्थित श्री श्री सिद्ध बाबा राजा राम जी महाराज के प्रसिद्ध मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला सिंझ (छिंज) मेला इस बार सोमवार, 16 फरवरी 2026 को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।...

Kangra News (दुर्गेश कटोच): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर क्षेत्र में स्थित श्री श्री सिद्ध बाबा राजा राम जी महाराज के प्रसिद्ध मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला सिंझ (छिंज) मेला इस बार सोमवार, 16 फरवरी 2026 को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय समुदाय की एकजुटता, स्वैच्छिक सहयोग और पारंपरिक संस्कृति का जीवंत प्रतीक भी है।

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सिर्फ दान-पात्र के भरोसे मेला

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह मेला पूरी तरह से भक्तों द्वारा मंदिर के दान-पात्र में चढ़ाए गए चंदे से ही आयोजित किया जाता है। किसी भी प्रकार की घर-घर या दुकान-दुकान जाकर गुराही (चंदा मांगना) नहीं की जाती। भक्तों की श्रद्धा और स्वेच्छा से दिया गया योगदान ही मेले की सारी व्यवस्थाओं को संभालता है। यही कारण है कि यह मेला सामुदायिक सहयोग की एक अनुपम मिसाल बन चुका है, जहां हर कोई अपने स्तर पर योगदान देता है।

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आज भी मंदिर में भक्तों का लगा रहा जमावड़ा

मेले की तैयारियां कई दिनों पहले से शुरू हो जाती हैं। बाजार में 2-3 दिन पहले ही दुकानें सजनी शुरू हो जाती हैं, जहां खिलौने, मिठाइयां, पूजा सामग्री और अन्य सामान की भरमार रहती है। रात के समय मंदिर परिसर में स्थानीय लोग इकट्ठा होकर टमक (ढोल-नगाड़ों) बजाते हैं, जो भक्ति की लहरें पैदा करती है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भी आज (15 फरवरी) मंदिर में भक्तों का जमावड़ा लगा रहा, जहां लोग बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे थे।

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'साल दर साल भव्य होता मेला'

यह मेला खासतौर पर विशाल दंगल (कुश्ती प्रतियोगिता) के लिए जाना जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से पहलवान भाग लेते हैं। दंगल सुबह से शुरू होकर शाम तक चलता है, जिसमें जोश, उत्साह और खेल भावना देखने को मिलती है। मेले में भंडारे, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं, जो सभी भक्तों को एक सूत्र में बांधते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि बाबा सिद्ध राजा राम जी की कृपा से यह मेला साल दर साल और अधिक भव्य होता जा रहा है। यह न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, खेलकूद और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन भी है।
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