Edited By Vijay, Updated: 04 Jan, 2026 01:10 PM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आस्था के सर्वोच्च शिखर और 'बारिश के देवता' कहे जाने वाले बड़ा देव कमरुनाग अब बर्फ की सफेद चादर के बीच शीतकालीन विश्राम पर चले गए हैं।
मंडी (रजनीश): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आस्था के सर्वोच्च शिखर और 'बारिश के देवता' कहे जाने वाले बड़ा देव कमरुनाग अब बर्फ की सफेद चादर के बीच शीतकालीन विश्राम पर चले गए हैं। घाटी में हो रही बर्फबारी और कड़ाके की ठंड को देखते हुए मंदिर कमेटी ने बड़ा देव कमरुनाग के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए हैं।
अप्रैल तक करना होगा इंतजार
देवता के गूर देवी सिंह ने मंदिर के कपाट बंद किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना होगा। कपाट अब आगामी अप्रैल माह में विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। गौरतलब है कि हर वर्ष सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते देव कमरुनाग और शिकारी माता मंदिर के कपाट करीब चार माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
कमेटी ने जारी किया सख्त फरमान
बर्फबारी के बीच मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। कमेटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कपाट बंद रहने की अवधि के दौरान यदि कोई भी श्रद्धालु, ट्रैकर या पर्यटक कमरुनाग की यात्रा करता है, तो वह पूरी तरह से अपने जोखिम पर जाएगा। इस दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अनहोनी होने पर मंदिर कमेटी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
मंडी जनपद के सबसे बड़े देव हैं कमरुनाग
देव कमरुनाग का मंडी के जनजीवन में विशेष महत्व है। उन्हें मंडी जनपद के सबसे बड़े देवता और 'बारिश के देवता' के रूप में पूजा जाता है। क्षेत्र के हजारों किसान और बागवान अच्छी बारिश और बंपर फसल की कामना लेकर साल भर यहां शीश नवाने आते हैं।

प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन और मंदिर कमेटी ने संयुक्त रूप से अपील की है कि मौसम के कड़े तेवरों को देखते हुए श्रद्धालु फिलहाल इस दुर्गम क्षेत्र की यात्रा से परहेज करें और सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।