Edited By Jyoti M, Updated: 17 Nov, 2025 01:06 PM

सोमवार की सुबह, जब औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ की झाड़माजरी इकाई शांत थी, तभी एक भयावह घटना ने पूरे इलाके को चौंका दिया। एक कारखाने में लगभग 2 बजे तड़के अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
हिमाचल डेस्क। सोमवार की सुबह, जब औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-नालागढ़ की झाड़माजरी इकाई शांत थी, तभी एक भयावह घटना ने पूरे इलाके को चौंका दिया। एक कारखाने में लगभग 2 बजे तड़के अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
धुआं देख स्थानीय लोगों ने दी सूचना
फैक्ट्री बंद होने के कारण, आग लगने का पता तुरंत नहीं चल सका। सुबह 2:45 बजे के करीब, स्थानीय निवासियों की नज़र आसमान में उठते घने धुएं पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही बद्दी फायर कार्यालय से दमकल की चार गाड़ियां तेजी से घटनास्थल की ओर दौड़ीं। प्रभारी हेमराज सिंह के नेतृत्व में फायर फाइटर्स की टीम ने तुरंत बचाव और आग बुझाने का काम शुरू किया।
कोई जनहानि नहीं, पर भारी क्षति
फायर विभाग ने पुष्टि की है कि यह कारखाना लंबे समय से उत्पादन बंद किए हुए था, और गनीमत रही कि घटना के समय अंदर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। आग इतनी प्रचंड थी कि उद्योग परिसर के भीतर रखी महत्वपूर्ण मशीनरी, दफ्तरी दस्तावेज़, फाइलें और अन्य सामग्री देखते ही देखते खाक हो गईं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
आग लगने के वास्तविक कारणों की प्रारंभिक जांच में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन दमकल टीम ने आशंका जताई है कि इसकी शुरुआत शॉर्ट सर्किट या किसी गंभीर तकनीकी खराबी के कारण हुई होगी।
तीन घंटे की मशक्कत से आग पर पाया गया काबू
दमकलकर्मियों ने लगभग तीन घंटे तक लगातार संघर्ष किया। उनकी अथक मेहनत का फल यह रहा कि सुबह लगभग 5 बजे आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया। इस सूझबूझ से दमकल टीम न सिर्फ आग बुझाने में सफल रही, बल्कि उन्होंने आस-पास की अन्य इमारतों को भी इस भीषण लपटों की चपेट में आने से सुरक्षित बचा लिया।
इस दुर्घटना में अनुमानित तौर पर लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि, राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग ने अब आग लगने के कारणों की विस्तृत और गहन जांच शुरू कर दी है।