Himachal: स्कूल में CBSE लागू होगा या HP बोर्ड, अब शिक्षा निदेशक लेंगे फैसला

Edited By Vijay, Updated: 25 Apr, 2026 11:53 AM

director of education will now make the decision to cbse or hp board

हिमाचल प्रदेश के किस स्कूल भवन में सीबीएसई बोर्ड लागू होगा और किसमें प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड चलेगा, इसका अंतिम निर्णय अब स्कूल शिक्षा निदेशक द्वारा लिया जाएगा।

शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश के किस स्कूल भवन में सीबीएसई बोर्ड लागू होगा और किसमें प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड चलेगा, इसका अंतिम निर्णय अब स्कूल शिक्षा निदेशक द्वारा लिया जाएगा। इसके लिए भवन, आधारभूत ढांचे और अन्य आवश्यक सुविधाओं का मूल्यांकन भी किया जाएगा। राज्य में 4 स्कूलों का मर्जर रद्द करने के बाद सरकार ने निदेशक को ऐसे फैसले लेने की छूट दी है। सरकार के इस फैसले के तहत स्कूलों में छात्रों को अब दोनों बोर्डों के विकल्प उपलब्ध होंगे। इस दौरान प्रदेश सरकार ने पहले लिए गए बड़े फैसले में बदलाव करते हुए प्रदेश के कई प्रमुख स्कूलों के मर्जर (विलय) को रद्द कर दिया है। 18 फरवरी, 2026 की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा के स्कूलों को एकीकृत करने का निर्णय वापस ले लिया गया है। 

सरकारी सीनियर सैकेंडरी के रूप में संचालित होगा सीबीएसई से संबद्ध स्कूल 
सरकार द्वारा रद्द किए गए मर्जर में नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा के लड़कों और लड़कियों के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को को-एजुकेशनल स्कूल में बदलने का प्रस्ताव शामिल था, जिसे अब लागू नहीं किया जाएगा। नए आदेश के तहत अब इन सभी स्थानों पर दोनों स्कूल अलग-अलग ही संचालित होंगे, लेकिन दोनों को-एजुकेशनल (सह-शिक्षा) होंगे, साथ ही एक स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा, जबकि दूसरा स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड  से जुड़ा रहेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूल को हाई स्कूल के रूप में चलाया जाएगा, जबकि सीबीएसई से संबद्ध स्कूल को सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा। शिक्षा सचिव की ओर से उक्त आदेश जारी किए गए हैं कि इससे पूर्व भी सरकार ने ऐसे कई स्कूलों का मर्जर रद्द किया था।

ये स्कूल करेंगे अलग-अलग इकाइयों के रूप में कार्य   
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को डिमर्ज (अलग) कर नई व्यवस्था लागू की है। विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब ये शैक्षणिक संस्थान अलग-अलग इकाइयों के रूप में कार्य करेंगे और उनके नाम, बोर्ड संबद्धता तथा परिसर भी निर्धारित कर दिए गए हैं। इसमें जिला कांगड़ा पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मशाला (सीबीएसई) अब  गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल और राजकीय हाई स्कूल धर्मशाला परिसर में संचालित होगा।  राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक (ब्वायज) स्कूल धर्मशाला (एचपी बोर्ड) अलग से कार्य करेगा। 

पीएम श्री राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देहरा (सीबीएसई) को राजकीय हाई स्कूल देहरा परिसर दिया गया है। वहीं  गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल और पीएम श्री मॉडल स्कूल देहरा (स्कूल शिक्षा बोर्ड) अलग इकाई के रूप में चलेंगे। बक्शी टेक चंद पीएम श्री राजकीय मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल नूरपुर (सीबीएसई) को राजकीय हाई स्कूल नूरपुर परिसर में संचालित किया जाएगा। गर्ल्स और ब्वायज सीनियर सैकेंडरी स्कूल नूरपुर (स्कूल शिक्षा बोर्ड) अलग-अलग कार्य करेंगे।

 जिला मंडी में  पीएम श्री राजकीय मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल सरकाघाट (सीबीएसई) को राजकीय हाई स्कूल सरकाघाट परिसर दिया गया है। वहीं गर्ल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल और  मॉडल स्कूल सरकाघाट (स्कूल शिक्षा बोर्ड) अलग इकाइयों में चलेंगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के नामों का री-डिजिग्नेशन और डिस्प्ले तुरंत किया जाए तथा शिक्षक व गैर-शिक्षक स्टाफ का पुनर्वितरण किया जाए।

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