Edited By Swati Sharma, Updated: 13 Apr, 2026 01:42 PM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के 158 सीबीएसई (CBSE) संबद्ध सरकारी स्कूलों में फीस के प्रारूप को नए सिरे से निर्धारित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में शिक्षा विभाग को यह...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के 158 सीबीएसई (CBSE) संबद्ध सरकारी स्कूलों में फीस के प्रारूप को नए सिरे से निर्धारित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इन स्कूलों में फीस का स्तर न्यूनतम रखा जाए।
वर्तमान फीस ढांचा और सरकार का रुख
वर्तमान में विभाग ने आरक्षित वर्गों (SC/ST) के लिए 1500 रुपये और सामान्य वर्ग के लिए 1800 रुपये वार्षिक फीस निर्धारित की है। हालांकि विभाग का तर्क है कि यह निजी स्कूलों की तुलना में बहुत कम है, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा देना है। चूंकि शैक्षणिक सत्र 2026 शुरू हो चुका है और दाखिले हो चुके हैं, इसलिए संशोधित फीस ढांचा अगले सत्र से प्रभावी होने की संभावना है।
शिक्षकों के लिए बनेगा विशेष 'सब-कैडर'
इन स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार शिक्षकों का एक अलग सब-कैडर तैयार कर रही है। इस नीति के तहत, इन स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों का तबादला केवल अन्य सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में ही किया जा सकेगा। इससे शिक्षण की निरंतरता और मानकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
परीक्षाओं का शेडयूल
सत्र 2026-27 के लिए दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं अभी हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (धर्मशाला) द्वारा ही आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को नए सिस्टम में ढलने का समय देने के लिए सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं वर्ष 2028 से शुरू होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड बदलने के बावजूद छात्रों को मिलने वाली अन्य सरकारी सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
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