Edited By Vijay, Updated: 20 Oct, 2021 10:02 PM

ज्वालामुखी मंदिर में कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसकी हकीकत सामने आ रही है। ज्वालामुखी मंदिर में कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच तथाकथित मारपीट के तथ्य बारे मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज...
ज्वालामुखी (पंकज शर्मा): ज्वालामुखी मंदिर में कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसकी हकीकत सामने आ रही है। ज्वालामुखी मंदिर में कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच तथाकथित मारपीट के तथ्य बारे मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि मंदिर में माहौल श्रद्धालुओं ने खराब किया था। उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और दर्शनों के लिए जारी की गई एसओपी की न केवल उल्लंघना की, बल्कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उनको घायल भी कर दिया।
सोशल मीडिया पर केवल एक पक्ष को दिखाया गया है, जबकि दूसरे पक्ष को कोई जगह नहीं दी गई है। जानकारी के मुताबिक मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मचारी हंसराज की न केवल वर्दी फाड़ दी गई, बल्कि उसे लाठियों से पीटा भी गया। इतना ही नहीं, अमृतसर के बताए जा रहे इन श्रद्धालुओं ने बस अड्डे में कैमिस्ट की दुकान में भी हंगामा करने की कोशिश की और मंदिर के कर्मचारियों को पीटने का प्रयास किया। उसके बाद बस अड्डे और आसपास के दुकानदारों व अन्य लोगों ने श्रद्धालुओं को सबक सिखाया। वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं का आरोप है कि उन्हें मारा-पीटा गया है। उन्होंने मंदिर कर्मचारियों और पुजारियों को गुंडा कहकर पुकारा है और प्रशासन पर भी न्याय न करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों को सुना और उसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
इस संदर्भ में मंदिर अधिकारी तहसीलदार दीनानाथ का कहना है कि पुलिस ने मंदिर और बस अड्डे के आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल कर ली हैं और उनके आधार पर ही अब पुलिस आगामी कार्रवाई कर सकती है।
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