Edited By Swati Sharma, Updated: 14 Feb, 2026 06:12 PM

Shimla News: जिला शिमला में स्थानीय युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का शिमला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पंजाब से संचालित होने वाले इस 'चिट्टा नेटवर्क' की कड़ियां नेपाल सीमा तक जा जुड़ी हैं। पुलिस ने महज 11 दिनों के भीतर इस...
Shimla News: जिला शिमला में स्थानीय युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का शिमला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पंजाब से संचालित होने वाले इस 'चिट्टा नेटवर्क' की कड़ियां नेपाल सीमा तक जा जुड़ी हैं। पुलिस ने महज 11 दिनों के भीतर इस गिरोह के छह प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जिनमें पंजाब और शिमला के स्थानीय तस्कर शामिल हैं।
ऐसे शुरू हुई कार्रवाई की कड़ी
मामले की शुरुआत 2 फरवरी को हुई, जब रोहड़ू के मेंहदली पुल के पास पुलिस ने पंजाब निवासी जश्नदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह को 83 ग्राम चिट्टा के साथ दबोचा। जांच में खुलासा हुआ कि ये दोनों पंजाब से नशे की खेप लाकर शिमला के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करते थे। आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को स्थानीय मददगारों के नाम पता चले।
नेपाल सीमा पर 48 घंटे का 'सीक्रेट ऑपरेशन'
पुलिस की गिरफ्त में आए पंजाब के तस्करों ने चिढ़गांव क्षेत्र के विजेंद्र मेहता ऊर्फ 'छोटू' का नाम उगला, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) बनकर उभरा। विजेंद्र पंजाब से चिट्टा खरीदकर रोहड़ू और चिढ़गांव के युवाओं को ऊंचे दामों पर बेचता था। गिरफ्तारी के डर से आरोपी नेपाल भाग गया था। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने बताया कि 13 फरवरी को रोहड़ू पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तराखंड और नेपाल पुलिस के साथ मिलकर बनवासा (नेपाल बॉर्डर) के पास एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 48 घंटे तक चली इस मशक्कत के बाद विजेंद्र को धर दबोचा गया।
स्थानीय युवाओं की संलिप्तता
पुलिस ने इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जश्नदीप और धर्मप्रीत (पंजाब) के अलावा आशीष चौहान, नवीन शेट्टा, दीवान चंद और विजेंद्र मेहता (सभी चिढ़गांव, शिमला) शामिल हैं। विजेंद्र मेहता पर आरोप है कि वह स्थानीय युवाओं को पहले नशे का आदी बनाता था और फिर उन्हें इस अवैध धंधे में धकेल देता था।