Edited By Vijay, Updated: 31 Jul, 2019 11:25 PM

वीरवार से शुरू हो रहे सावन अष्टमी मेलों के चलते उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी को रंग-बिरंगे फूलों से सजा दिया गया है। मंदिर को लाला जगत नारायण धर्मशाला चिंतपूर्णी के चेयरमैन अविनाश कपूर द्वारा सजाया गया है।
चिंतपूर्णी: वीरवार से शुरू हो रहे सावन अष्टमी मेलों के चलते उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी को रंग-बिरंगे फूलों से सजा दिया गया है। मंदिर को लाला जगत नारायण धर्मशाला चिंतपूर्णी के चेयरमैन अविनाश कपूर द्वारा सजाया गया है। मंदिर को देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया है, वहीं मंदिर के गर्भगृह को ऑस्ट्रेलिया और स्विट्रजलैंड के फूलों से सजाया गया। हालांकि श्रद्धालु द्वारा इस पर लगी लागत को नहीं बताया गया है लेकिन 5 लाख रुपए से ऊपर कीमत इन फूलों की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार हर वर्ष अविनाश कपूर श्रद्धालु द्वारा मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। श्रद्धालु मंदिर की सजावट देख मंत्रमुग्ध होने को मजबूर हो जाते हैं। इस संबंध में मंदिर अधिकारी जीवन कुमार ने बताया कि श्रद्धालु द्वारा मंदिर को सजाया गया है और नाम व लागत बताने को लेकर श्रद्धालु ने मना किया है।
ए.डी.वी. व बस अड्डे की कार पार्किंग में दी जाएगी दर्शन पर्ची
वहीं सावन अष्टमी मेले में प्रबंधों बारे डी.सी. संदीप कुमार ने ए.डी.वी. की कार पार्किंग में जिला के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय व सरकार के आदेशों के तहत मेले में डिस्पोजेबल सामग्री प्रयोग करने वाली लंगर संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंगर संस्थाओं को सड़क पर लंगर बांटने की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने वालों को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को ए.डी.वी. की कार पार्किंग व बस अड्डे की कार पार्किंग में दर्शन पर्ची दी जाएगी, जिसका निरीक्षण भी किया जाएगा।
मेला क्षेत्र में लागू रहेगी धारा-144
उन्होंने कहा कि गेट नंबर 1 व गेट नंबर 2 पर श्रद्धालुओं को मंदिर जाने की सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि खाली करवाए गए मंदिर लंगर हाल को वेटिंग हाल के रूप में प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मेले में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा कहा कि मेला क्षेत्र में एक से 9 अगस्त तक धारा-144 लागू रहेगी। लाऊड स्पीकर, सड़क पर आवाजें लगाने व ढोल-नगाड़े पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को यथावत रखा गया है। उन्होंने मेले में असामाजिक तत्वों व भिखारियों पर नजर रखने के उन्होंने कड़े निर्देश दिए। बैठक में मेला अधिकारी अरिंदम चौधरी, ए.डी.एम. तारुल रवीश, डी.एस.पी. मनोज जम्वाल, मंदिर अधिकारी जीवन कुमार व विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।