Edited By Kuldeep, Updated: 31 Aug, 2025 10:20 PM

भरमौर व आसपास के क्षेत्रों में फंसे श्रद्धालुओं को रैस्क्यू करने का अभियान लगातार जारी है। पिछले 3 दिन में जिले से करीब 12,000 श्रद्धालुओं को रैस्क्यू कर लिया गया है।
चम्बा (काकू चौहान): भरमौर व आसपास के क्षेत्रों में फंसे श्रद्धालुओं को रैस्क्यू करने का अभियान लगातार जारी है। पिछले 3 दिन में जिले से करीब 12,000 श्रद्धालुओं को रैस्क्यू कर लिया गया है। इनमें से अधिकतर श्रद्धालु अपने घरों तक पहुंच गए हैं। हालांकि लगभग 4000 श्रद्धालु अब भी भरमौर में सुरक्षित आश्रय लिए हुए हैं। इनमें से 800 श्रद्धालु रविवार सुबह जिला मुख्यालय चम्बा के लिए रवाना हो चुके हैं।
उधर मणिमहेश यात्रा के हड़सर से डलझील मार्ग पर अब भी करीब 400 लोग फंसे हुए हैं। इनमें 100 पुलिस जवान, 50 एनडीआरएफ और 40 एसडीआरएफ के जवान शामिल हैं। यही नहीं लंगर समितियों के सदस्य, कुगती के चेले, हड़सर और भरमौर के स्थानीय दुकानदार तथा करीब 30 शिव भक्त और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी भी अभी इन स्थानों पर ही हैं। प्रशासन ने इन सभी को सोमवार शाम तक सुरक्षित भरमौर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इन्हें रैस्क्यू करने का अभियान आरंभ कर दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें रैस्क्यू करने के लिए हैलीकॉप्टर उड़ानें भी करवाई जा सकती हैं।
डीसी मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि अब तक 12,000 श्रद्धालु चम्बा से रवाना हो चुके हैं। श्रद्धालुओं को नूरपुर, पठानकोट और भद्रवाह तक राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से निःशुल्क बस सुविधा प्रदान की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित बनाई जा रही है और भरमौर में राशन की कोई कमी नहीं है।
यात्रा के दौरान 16 श्रद्धालुओं की हुई मौत
यात्रा के दौरान 9 से 31 अगस्त तक 16 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। कुगती रूट से तीन शवों को निकालने के लिए एन.डी.आर.एफ. और स्थानीय रैस्क्यू दल कार्य कर रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मणिमहेश यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बिलासपुर के एसई जीत सिंह के नेतृत्व में बग्गा तक सड़क बहाल
चम्बा-भरमौर मार्ग भरमौर की ओर से दुर्गेठी तक और चम्बा की तरफ से बग्गा तक वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। बेरहम बारिश से तबाह एनएच के पुर्ननिर्माण कार्य का जिम्मा प्रदेश सरकार की ओर से लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता ई. जीत सिंह ठाकुर को सौंपा है। जीत सिंह ठाकुर की देखरेख में भरमौर एनएच के पुर्ननिर्माण कार्य के पहले दिन ही बग्गा गांव तक बड़े वाहनों की आवाजाही को सामान्य भी बना दिया है। बारिश के कारण भरमौर एनएच का बडा हिस्सा तबाह हो गया है।
बारिश के कारण भूस्खलन और रावी नदी के भूमि कटाव के कारण कई जगह एनएच का पूरी तरह नामोनिशान मिट गया है। इसके चलते जनजातीय उपमंडल के भरमौर व होली क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह शेष विश्व से कट गया है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने ई. जीत सिंह ठाकुर के चम्बा जिला में कार्यकाल के दौरान बेहतर कामकाज को देखते हुए भरमौर एनएच के पुर्ननिर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा है। प्रदेश सरकार की ओर से बाकायदा इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अब ई. जीत सिंह ठाकुर की देखरेख में भरमौर एनएच का पुनर्निर्माण कार्य होगा। इनकी देखरेख में भरमौर एनएच के पुर्निनर्माण का कार्य युद्धस्तर पर आरंभ हो गया है।