Edited By Jyoti M, Updated: 07 Apr, 2026 09:58 AM

हिमाचल प्रदेश में घर बनाने का सपना अब और महंगा होने जा रहा है। ईंटों के बाद अब सीमेंट और सरिये के दामों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सीमेंट कंपनियों ने प्रति बैग 15 रुपये का इजाफा किया है, जबकि पिछले 20 दिनों के भीतर सरिये की कीमत में करीब...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में घर बनाने का सपना अब और महंगा होने जा रहा है। ईंटों के बाद अब सीमेंट और सरिये के दामों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सीमेंट कंपनियों ने प्रति बैग 15 रुपये का इजाफा किया है, जबकि पिछले 20 दिनों के भीतर सरिये की कीमत में करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है। इस बढ़ोतरी के कारण आम आदमी के बजट पर सीधा असर पड़ा है।
सीमेंट की नई कीमतें (ब्रांड के अनुसार)
सोमवार से लागू हुई नई दरों के बाद विभिन्न कंपनियों के सीमेंट अब ऊंचे दामों पर बिक रहे हैं।
ACC सीमेंट: एसीसी सुरक्षा अब 410 रुपये, एसीसी गोल्ड 450 रुपये और जंग रोधक सीमेंट 395 रुपये प्रति बैग मिलेगा।
अंबुजा सीमेंट: इसकी कीमत 415 रुपये से लेकर 425 रुपये प्रति बैग तक पहुँच गई है (स्थान और क्वालिटी के आधार पर)।
अल्ट्राटेक और बांगड़: अल्ट्राटेक अब लगभग 405-410 रुपये और बांगड़ सीमेंट 400 रुपये प्रति बैग बिक रहा है।
सरिये और ईंटों के दाम
सरिये की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है। हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में 12 एमएम सरिये के दाम, जो पहले 6,100 रुपये थे, अब बढ़कर 6,500 से 6,600 रुपये के बीच पहुँच गए हैं।
टाटा सरिया: ₹6,800 से बढ़कर ₹7,000 प्रति क्विंटल।
जिंदल सरिया: ₹6,400 से बढ़कर ₹6,600 प्रति क्विंटल।
कामधेनु सरिया: ₹6,500 से बढ़कर ₹6,700 प्रति क्विंटल।
इसके अतिरिक्त, कुछ दिन पहले ही ईंटों के दाम में भी 2 से 3 रुपये की वृद्धि हुई थी, जिससे निर्माण लागत और बढ़ गई है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों और विक्रेताओं के अनुसार, कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण हैं।
कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में वृद्धि। डीजल और पेट्रोल महंगा होने से परिवहन लागत (Logistics) का बढ़ना। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध की स्थिति। कोयले की कीमतों में लगातार हो रहा इजाफा।
इन सभी कारकों ने मिलकर निर्माण सामग्री को महंगा कर दिया है, जिससे नया मकान बनाने की योजना बना रहे लोगों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।