Edited By Jyoti M, Updated: 30 Mar, 2026 01:39 PM

राजधानी में रहने वाले लोगों के लिए 1 अप्रैल से गुजारा करना और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। बढ़ती महंगाई और स्कूल की महंगी फीस के बीच अब नगर निगम और जल विभाग ने भी आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है।
हिमाचल डेस्क। राजधानी में रहने वाले लोगों के लिए 1 अप्रैल से गुजारा करना और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। बढ़ती महंगाई और स्कूल की महंगी फीस के बीच अब नगर निगम और जल विभाग ने भी आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। शहर में पानी की कीमतें पहले ही 8% बढ़ चुकी हैं और अब कूड़ा उठाने के शुल्क (Garbage Fee) में भी 10% की बढ़ोतरी होने जा रही है।
प्रमुख बदलाव और उनके प्रभाव
नगर निगम हर साल कूड़ा शुल्क में 10% की वृद्धि करता है। इस बार घरेलू उपभोक्ताओं को 142 रुपये के बजाय 156 रुपये प्रति माह देने होंगे। यह नियम होटल, ढाबा और दुकानदारों पर भी समान रूप से लागू होगा। निगम का कहना है कि यह बढ़ोतरी सफाई कर्मचारियों (सैहब सोसायटी) के वेतन में वृद्धि करने के लिए जरूरी है।
केंद्र के नियमों के अनुसार, प्रदेश की जीडीपी दर के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स में भी करीब 6% की बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, निगम ने अभी इसकी अंतिम दरों को लेकर पूरी तरह स्थिति साफ नहीं की है, लेकिन 32 हजार से ज्यादा भवन मालिकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
शहर में ऐसे हजारों मकान हैं जो बिना पास नक्शे या एनओसी (NOC) के बने हैं। अभी तक इन घरों में सामान्य दरों पर बिजली मिल रही थी, लेकिन अब सरकार ने यहाँ बिजली की दरें बढ़ाने का फैसला किया है। जल्द ही इन भवन मालिकों को अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है।
कुल मिलाकर, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही शहरवासियों को पानी, बिजली, सफाई और टैक्स के रूप में ज्यादा भुगतान करना होगा, जिससे मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ना तय है।