Edited By Jyoti M, Updated: 26 Feb, 2026 04:18 PM

हमीरपुर का सुजानपुर टीहरा एक बार फिर गुलाल के बादलों और लोक संस्कृति के संगम के लिए तैयार है। लेकिन इस बार, उत्सव की मस्ती के बीच अनुशासन और सुरक्षा की दीवार भी उतनी ही मजबूत होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रंगों के इस पर्व में 'हथियारों' के लिए...
हिमाचल डेस्क। हमीरपुर का सुजानपुर टीहरा एक बार फिर गुलाल के बादलों और लोक संस्कृति के संगम के लिए तैयार है। लेकिन इस बार, उत्सव की मस्ती के बीच अनुशासन और सुरक्षा की दीवार भी उतनी ही मजबूत होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रंगों के इस पर्व में 'हथियारों' के लिए कोई जगह नहीं है।
उत्सव की सुरक्षा: नो वेपन ज़ोन बना सुजानपुर
आगामी 1 से 4 मार्च तक चलने वाले राष्ट्रीय स्तर के होली मेले को लेकर हमीरपुर प्रशासन बेहद मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने एक महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किया है।
सुजानपुर नगर परिषद के पूरे दायरे में किसी भी प्रकार के घातक हथियार या आग्नेयास्त्र ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह नियम केवल उन सुरक्षा बलों, पुलिस कर्मियों और होमगार्ड्स पर लागू नहीं होगा जो ड्यूटी पर तैनात हैं।
कानूनी कार्रवाई: जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों की अवहेलना करता पाया गया, तो उस पर कड़ी कानूनी गाज गिरेगी।
मुख्यमंत्री का खास जुड़ाव और शुभकामना संदेश
इस भव्य आयोजन का आगाज प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किए जाने की प्रबल संभावना है। हाल ही में उपायुक्त ने उनसे भेंट कर उन्हें इस पारंपरिक मेले का मुख्य अतिथि बनने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण भी दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए अपनी भावनाएं साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "हिमाचल की पावन धरती पर होली का यह पर्व केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि हमारी एकता और समृद्ध विरासत का प्रतिबिंब है। यह त्यौहार आपसी प्रेम और भाईचारे की जड़ों को और गहरा करता है।"
मुख्यमंत्री ने निमंत्रण के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए सभी प्रदेशवासियों को इस गौरवशाली उत्सव की अग्रिम बधाई भी दी है।