सावधान! 8वें वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी का लालच देकर कर्मचारियों को निशाना बना रहे साइबर ठग, एक क्लिक और खाली हो सकता है बैंक खाता

Edited By Swati Sharma, Updated: 15 Feb, 2026 12:24 PM

8th pay commission salary hike scam

8th Pay Commission Scam: हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को ठगने के लिए साइबर अपराधियों ने एक नया और शातिर तरीका निकाला है। अब 'सैलरी कैलकुलेटर' के नाम पर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाई जा रही है। ठग 8वें वेतन आयोग (8th Pay...

8th Pay Commission Scam: हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को ठगने के लिए साइबर अपराधियों ने एक नया और शातिर तरीका निकाला है। अब 'सैलरी कैलकुलेटर' के नाम पर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाई जा रही है। ठग 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत नई सैलरी और एरियर की गणना का झांसा देकर एक खतरनाक लिंक भेज रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने हिमाचल सहित सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी किया है।

एक क्लिक और मोबाइल हैक

ठगी का यह खेल व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए खेला जा रहा है। अपराधियों द्वारा भेजे गए मैसेज में एक APK फाइल डाउनलोड करने का विकल्प दिया जाता है। दावा किया जाता है कि इस ऐप से कर्मचारी अपनी नई पेंशन और एरियर का सटीक हिसाब जान सकते हैं। जैसे ही कोई यूजर इस फाइल को इंस्टॉल करता है, उसके फोन का पूरा नियंत्रण (Access) ठगों के हाथ में चला जाता है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह असल में एक मैलवेयर है जो आपके बैंकिंग ऐप्स, मैसेज और ओटीपी (OTP) को गुप्त रूप से पढ़ सकता है।

केंद्र सरकार की सख्त एडवाइजरी

गृह विभाग और केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन आयोग या सैलरी से जुड़ी कोई भी जानकारी व्हाट्सएप या अनजान लिंक के जरिए साझा नहीं की जाती। इस तरह की सभी सूचनाएं केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों पर ही उपलब्ध होती हैं। अनजान सोर्स से किसी भी फाइल को डाउनलोड करना वित्तीय आत्महत्या जैसा हो सकता है।

हिमाचल में बढ़ा खतरा, पुलिस ने दी चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों में पहले ही डिजिटल ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। अब कर्मचारियों को सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है। हिमाचल पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या APK फाइल पर क्लिक न करें। यदि ऐसा कोई मैसेज आए, तो उसे तुरंत डिलीट करें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।

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