Edited By Vijay, Updated: 31 Aug, 2025 07:29 PM

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मंडी जिले में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 9 मील पंडोह के पास स्थित 132 केवी डबल सर्किट (बिजनी-लारजी-कांगू) की एक महत्वपूर्ण बिजली लाइन का टावर पूरी तरह से टूट गया है।
मंडी (रजनीश): भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मंडी जिले में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। 9 मील पंडोह के पास स्थित 132 केवी डबल सर्किट (बिजनी-लारजी-कांगू) की एक महत्वपूर्ण बिजली लाइन का टावर पूरी तरह से टूट गया है। यह लाइन मंडी के लिए बिजली का मुख्य स्रोत थी। वर्तमान में मंडी को शानन-बिजनी 66 केवी लाइन और 33 केवी रत्ती-मेडिकल काॅलेज-बडसू-बिजनी लाइन से बिजली दी जा रही है। लेकिन लवांडी नाला के पास लगातार हो रहे भूस्खलन और पेड़ गिरने से शानन-बिजनी 66 केवी लाइन बार-बार खराब हो रही है, जिससे बिजली की बार-बार कटौती हो रही है।
अधिशासी अभियंता विद्युत मंडल मंडी ई. राजेश कुमार ने बताया कि विभाग 24 घंटे बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए काम कर रहा है। 132 केवी लाइन की मुरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और इसे पूरा करने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। उन्हाेंने मंडी शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से धैर्य बनाए रखने और विभाग का सहयोग करने की अपील की है।
ई. राजेश कुमार ने कहा कि इस मुश्किल समय में बिजली का इस्तेमाल केवल जरूरी कामों के लिए ही करें ताकि सीमित संसाधनों से सभी क्षेत्रों को बिजली दी जा सके। उन्होंने जिन क्षेत्रों से सहयोग की अपील की है उनमें मझवार, गुटकर, बेहना, सौली खड्ड, तल्याहड, केहनवाल, गोखरा, साइग्लू, कोटली, भरगांव, बीर, बारी, बिजनी, द्रंग धनोग, छिपनु, खलियार, पुरानी मंडी, जेल रोड, टारना, सेरी बाजार, मंगवाई, कटिंडी, कमांद, कटौला, बागी, बाथेरी और आईआईटी कमांद शामिल हैं।