Edited By Vijay, Updated: 08 Mar, 2026 11:54 PM

पांगी घाटी को जोड़ने वाले विश्व प्रसिद्ध सचे जोत मार्ग पर पर्यटकों की चहलकदमी तेज हो गई है। मौसम के मिजाज में सुधार और बर्फ की स्थिति सुरक्षित होने के बाद अब स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने प्रशासन से वाहनों को बैरागढ़ चैक पोस्ट से आगे स्नो...
तीसा/चम्बा (सुभानदीन): पांगी घाटी को जोड़ने वाले विश्व प्रसिद्ध सचे जोत मार्ग पर पर्यटकों की चहलकदमी तेज हो गई है। मौसम के मिजाज में सुधार और बर्फ की स्थिति सुरक्षित होने के बाद अब स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने प्रशासन से वाहनों को बैरागढ़ चैक पोस्ट से आगे स्नो प्वाइंट तक ले जाने की अनुमति मांगी है। वर्तमान में सुरक्षा कारणों से बैरागढ़ चैक पोस्ट पर वाहन रोके जा रहे हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भारी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन स्नो प्वाइंट तक न जा पाने के कारण उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। टैक्सी चालक लंबे समय से पर्यटकों के इंतजार में हैं, वहीं ढाबा संचालकों की पर्यटन गतिविधियों पर ही रोजी-रोटी टिकी है।
पर्यटकों की आवाजाही कम होने से स्थानीय बाजार में कारोबार काफी सुस्त है। टैक्सी यूनियन ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वे सुरक्षा मानकों में कोई कोताही नहीं बरतेंगे। सभी चालक प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वाहनों को केवल चिन्हित सुरक्षित स्नो प्वाइंट तक ही ले जाया जाएगा। जनहित और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय व्यवसायियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बैरागढ़ से स्नो प्वाइंट तक टैक्सी संचालन की अनुमति प्रदान की जाए। इससे चम्बा जिले के पर्यटन क्षेत्र को नई संजीवनी मिलेगी।
चुराह की वादियों में सुकून तलाश रहे सैलानी
चुराह अपनी अनछुई सुंदरता के लिए पर्यटन क्षेत्र में पहचान बना रहा है। बैरागढ़ से जैसे ही आगे का सफर तय करते हैं तो कुदरत के ऐसे नजारे सामने आते हैं जिन्हें देखकर हर कोई दंग रह जाता है। यहां की दूधिया सफेद नदियां, ऊंचे पहाड़ और शांत वातावरण पर्यटकों को सुकून का अहसास करवा रहे हैं। सैलानियों का इस क्षेत्र की तरफ रुझान सबसे बड़ी वजह यहां के विशालकाय झरने और ग्लेशियर हैं। बैरागढ़ से आगे की ओर जाने वाले मार्ग पर कई ऐसे स्थान हैं जहां बर्फ के पहाड़ ग्लेशियर सड़क के बेहद करीब नजर आते हैं। पहाड़ियों से गिरता ठंडा पानी पर्यटकों को फोटो और वीडियो बनाने के लिए मजबूर करता है। गर्मियों के मौसम में भी यहां कई जगहों पर जमी हुई बर्फ को देखा जा सकता है, जो बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं है। टैक्सी यूनियन सचिव साच पास के सचिव चमन ठाकुर ने बताया कि पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है और मौसम अब पूरी तरह अनुकूल है। बैरागढ़ से आगे स्नो प्वाइंट तक अनुमति मिलने से न केवल पर्यटकों को बर्फ देखने का आनंद मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
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