हिमाचल में हिमपात से पर्यटन उद्योग उत्साहित, काफी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद

Edited By Swati Sharma, Updated: 16 Mar, 2026 05:28 PM

tourism industry in himachal buoyed by snowfall

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ताज़ा हिमपात होने से कई पर्यटन स्थलों पर सर्दियों जैसा माहौल फिर से लौट आया है, जिससे पर्यटन उद्योग को बहुत जरूरी सहारा मिला है, जो इस बार सर्दियों का मौसम कमजोर रहने के कारण मुश्किलों का सामना कर रहा...

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ताज़ा हिमपात होने से कई पर्यटन स्थलों पर सर्दियों जैसा माहौल फिर से लौट आया है, जिससे पर्यटन उद्योग को बहुत जरूरी सहारा मिला है, जो इस बार सर्दियों का मौसम कमजोर रहने के कारण मुश्किलों का सामना कर रहा था। बर्फ की एक हल्की चादर ने कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को ढक लिया है, जिससे बड़ी संख्या में पर्यटक रोहतांग दरर, नारकंडा, हाटू पीक, खदराला और कल्पा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सर्दियों का मौसम खत्म होने के समय हुई इस बफर्बारी को देखने के लिए पर्यटक इन ऊपरी इलाकों की ओर उमड़ते दिखे।

'पर्यटक हिमपात देखने के लिए उत्सुक'

ताजा हिमपात रोहतांग दरर, लेडी ऑफ़ कीलोंग रेंज, धौलाधार पहाड़यिां, मणिमहेश, किन्नर कैलाश और चूड़धार चोटियों सहित कई प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं पर भी हुई है। बर्फ से ढके पहाड़ों ने एक बार फिर राज्य के नज़ारे को बदल दिया है और पर्यटकों की दिलचस्पी को फिर से जगाया है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बर्फबारी से आतिथ्य क्षेत्र को राहत मिली है, जिसने इस सर्दियों में एक मुश्किल दौर का सामना किया था। इस साल बर्फबारी सिर्फ तीन बार हुई, जबकि आम तौर पर सर्दियों के मौसम में यह छह से सात बार होती है। इसके चलते पर्यटकों की आमद में काफ़ी कमी देखने को मिली थी। मनाली में एक पर्यटन इकाई को चलाने वाले अभिनव ने बताया कि हिमपात की संभावना के बारे में खबरों ने भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा, 'पर्यटक हिमपात देखने के लिए उत्सुक हैं।

रोहतांग सुरंग के फंसे वाहन

रविवार को रोहतांग सुरंग के पास लगभग 1,000 पर्यटक वाहन फंस गए थे, क्योंकि पर्यटक ताजी बर्फ देखने के लिए उमड़ पड़े थे।' शिमला जिले के खदराला, नारकंडा और हाटू पीक में पिछले 24 घंटों के दौरान दो बार हल्का हिमपात हुआ। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज के साथ छींटे भी पड़े, जबकि सोमवार को आसमान ज़्यादातर बादलों से घिरा रहा। होटल मालिकों ने बताया कि लंबे समय तक मौसम शुष्क रहने और सीज़न की शुरुआत में हिमपात न होने के कारण पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था और पर्यटकों की आमद ज़्यादातर सप्ताहांत तक ही सीमित थी। मौसम विज्ञान विभाग ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाले दिनों में बारिश और हिमपात के दो से तीन और दौर आने का पूर्वानुमान लगाया है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि मौसम की ये नई प्रणालियां राज्य के आतिथ्य उद्योग को एक नई जान दे सकती हैं। 
 

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