Edited By Jyoti M, Updated: 01 Mar, 2026 11:45 AM

हिमाचल प्रदेश की राजधानी में खाकी की साख बनाए रखने के लिए एसएसपी शिमला ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ड्यूटी के दौरान ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश देते हुए एसएसपी गौरव सिंह ने टिक्कर चौकी के प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर...
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी में खाकी की साख बनाए रखने के लिए एसएसपी शिमला ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ड्यूटी के दौरान ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश देते हुए एसएसपी गौरव सिंह ने टिक्कर चौकी के प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के साथ ही उन्हें कैथू पुलिस लाइन में हाजिर होने का फरमान सुनाया गया है।
आधी रात का एक्शन: जब निरीक्षण में खुली पोल
देर रात जब रोहड़ू के डीएसपी अचानक टिक्कर पुलिस चौकी का जायजा लेने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों को भनक भी नहीं थी कि उनकी कार्यप्रणाली की जमीनी हकीकत परखने के लिए औचक निरीक्षण होने वाला है। जांच के दौरान चौकी इंचार्ज की कार्यशैली में भारी कमियां और लापरवाही पाई गई। मौके पर मिली अव्यवस्था की रिपोर्ट तुरंत एसएसपी को सौंपी गई, जिस पर गाज गिर गई।
एसएसपी की दो टूक: 'काम करो या कार्रवाई झेलो'
शिमला पुलिस के मुखिया गौरव सिंह अपनी सख्त छवि और जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जाने जाते हैं। इस कार्रवाई के बाद उन्होंने महकमे के सभी छोटे-बड़े कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि
जनता की शिकायतों के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही का अंजाम सख्त होगा। पुलिसिंग केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर प्रभावी दिखनी चाहिए।
नतीजा और संदेश
इससे पहले भी ठियोग सहित अन्य थानों में खुद जाकर व्यवस्थाओं को परखने वाले गौरव सिंह ने साफ कर दिया है कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा और सहायता है। टिक्कर चौकी प्रभारी पर हुई यह कार्रवाई पूरे जिले के थानों के लिए एक चेतावनी है कि रात की ड्यूटी हो या दिन की, अनुशासन में चूक का मतलब सीधा सस्पेंशन और लाइन हाजिर होगा।