पालमपुर में सरकारी स्कूल पर चोरों का धावा: ग्रिल उखाड़ घुसे चोर, कुछ नहीं छोड़ा शातिरों ने...

Edited By Jyoti M, Updated: 16 Mar, 2026 04:33 PM

theft at palampur government school books and records missing

जहाँ एक ओर हम डिजिटल इंडिया और आधुनिक शिक्षा की बात करते हैं, वहीं पालमपुर का एक सरकारी स्कूल बुनियादी सुरक्षा के अभाव में अपराधियों का आसान निशाना बन गया है। राम चौक घुग्गर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला (को-एजुकेशन) में रविवार की काली रात ने स्कूल...

हिमाचल डेस्क। जहाँ एक ओर हम डिजिटल इंडिया और आधुनिक शिक्षा की बात करते हैं, वहीं पालमपुर का एक सरकारी स्कूल बुनियादी सुरक्षा के अभाव में अपराधियों का आसान निशाना बन गया है। राम चौक घुग्गर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला (को-एजुकेशन) में रविवार की काली रात ने स्कूल की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। चोरों ने न केवल स्कूल की संपत्ति पर हाथ साफ किया, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़े रिकॉर्ड और उनकी लाइब्रेरी को भी नहीं बख्शा।

खिड़की तोड़कर घुसे शातिर, ले उड़े रिकॉर्ड और पतीले

हैरानी की बात यह है कि चोरों ने सिर्फ़ कीमती सामान ही नहीं, बल्कि पुराना प्रशासनिक रिकॉर्ड और दाखिला रजिस्टर भी चुरा लिया है। सोमवार सुबह जब मल्टी टास्क वर्कर अभिषेक ड्यूटी पर पहुँचा, तो पिछली खिड़की की ग्रिल गायब देखकर उसके होश उड़ गए।

चोरी हुए सामान की सूची:

पुस्तकालय: करीब 40 ज्ञानवर्धक पुस्तकें।

मिड-डे मील: खाना पकाने वाले दो बड़े सिल्वर के पतीले।

अन्य: एक हीटर और महत्वपूर्ण दस्तावेज़।

हालांकि, शायद पकड़े जाने के डर से चोर भारी भरकम सामान जैसे एलईडी, प्रोजेक्टर, प्रिंटर और यूपीएस को खिड़की के पास ही छोड़कर फरार हो गए।

सुरक्षा के नाम पर 'शून्य': न रोशनी, न पहरा

स्कूल की मुख्य अध्यापिका मधु अवस्थी के बयानों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात को स्कूल की रखवाली के लिए कोई तैनात नहीं है। स्कूल परिसर में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी आसानी से छिप जाते हैं। इतने बड़े संस्थान में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है।

"यह पहली बार नहीं है जब स्कूल को निशाना बनाया गया हो; इससे पहले भी यहाँ से गैस सिलेंडर चोरी हो चुके हैं। सुरक्षा की कमी ही अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है।" — स्थानीय निवासी

पुलिसिया कार्रवाई और उठती मांगें

पालमपुर पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, यह किसी स्थानीय असामाजिक तत्व या शरारती गिरोह का काम हो सकता है।

अब स्थानीय जनता और स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग से आर-पार की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक स्कूल में सीसीटीवी, उचित लाइटिंग और चौकीदार की व्यवस्था नहीं होती, तब तक सरकारी संपत्ति और बच्चों का रिकॉर्ड इसी तरह खतरे में रहेगा।

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