Edited By Jyoti M, Updated: 25 Jan, 2026 03:59 PM

हिमाचल में जब कड़ाके की ठंड में लोग भारी कंबलों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं, तब हिमाचल के चुराह घाटी के एक युवा जांबाज ने अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति का ऐसा प्रदर्शन किया जिसे देख हर कोई दंग है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल में जब कड़ाके की ठंड में लोग भारी कंबलों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं, तब हिमाचल के चुराह घाटी के एक युवा जांबाज ने अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति का ऐसा प्रदर्शन किया जिसे देख हर कोई दंग है। युवा पहलवान सुमित ठाकुर ने शून्य से भी 4 डिग्री नीचे (-4°C) गिर चुके पारे के बीच बर्फ से जमी जलधारा में डुबकी लगाकर अपनी अटूट इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।
फिटनेस का 'कोल्ड' मंत्र:
अक्सर लोग सर्दियों में ठंडे पानी के नाम से ही कांप उठते हैं, लेकिन सुमित के लिए यह उनकी दैनिक साधना का हिस्सा है। इस साहसिक कार्य के पीछे के विज्ञान को साझा करते हुए सुमित ने बताया:
मांसपेशियों का रिकवरी: कुश्ती जैसे कठोर खेल के बाद शरीर की थकान और मांसपेशियों की सूजन को कम करने में यह 'आइस बाथ' रामबाण का काम करता है।
मानसिक सुदृढ़ता: बर्फीले पानी का सामना करना केवल शारीरिक क्षमता नहीं, बल्कि मन को नियंत्रित करने का एक अभ्यास है, जो तनाव को दूर रखने में मदद करता है।
अनुशासन की पराकाष्ठा: हड्डियों को जमा देने वाली इस ठंड में नियमितता बनाए रखना सुमित के कड़े अनुशासन को दर्शाता है।
युवाओं के लिए बने रोल मॉडल
सुमित के इस हैरतअंगेज कदम ने स्थानीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी हैं। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों का मानना है कि आज के दौर में, जहाँ युवा सुख-सुविधाओं की ओर भाग रहे हैं, सुमित का यह संघर्ष और प्राकृतिक तरीके से खुद को फिट रखने का जुनून आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा बनेगा। सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपालों तक, इस युवा पहलवान के साहस की गूँज सुनाई दे रही है।
"ठंड केवल शरीर को महसूस होती है, अगर मन में कुछ कर गुजरने का संकल्प हो, तो प्रकृति की हर चुनौती छोटी लगने लगती है।" — सुमित ठाकुर