हिमाचल के स्कूलों में अब विद्यार्थी पढ़ेंगे सड़क सुरक्षा व यातायात का पाठ

Edited By Vijay, Updated: 20 Jan, 2021 04:24 PM

students will now read road safety and traffic lessons in schools

हिमाचल के स्कूलों में अब विद्यार्थी अन्य विषयों के साथ सड़क सुरक्षा व यातायात का पाठ भी पढ़ेंगे। सड़क सुरक्षा पर स्कूली बच्चों के माध्यम से हर घर को जारूगकर करने और सड़क हादसों के आंकड़ों को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ स्कूलों...

शिमला (राजेश): हिमाचल के स्कूलों में अब विद्यार्थी अन्य विषयों के साथ सड़क सुरक्षा व यातायात का पाठ भी पढ़ेंगे। सड़क सुरक्षा पर स्कूली बच्चों के माध्यम से हर घर को जारूगकर करने और सड़क हादसों के आंकड़ों को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ स्कूलों में यह पाठ्यक्रम तैयार करने की तैयारी कर दी है। वहीं शिक्षा के विभाग के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) में यह शिक्षा देने के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस पाठ्यक्रम की एक अलग से पुस्तक  होगी, जिससे बच्चों को पढ़ाया भी जाएगा और चित्रों के माध्यम से समझाया भी जाएगा।

परिवहन विभाग ने शिक्षा बोर्ड को भेजा था प्रस्ताव

परिवहन निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार स्कूलों में सड़क सुरक्षा यातायात सुरक्षा पर स्कूलों में शिक्षा देने और पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर विभाग ने शिक्षा बोर्ड धर्मशाला को प्रस्ताव भेजा था। विभाग के इस प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है और इसके बाद डाइट में पाठ्यक्रम को बनाए जाने का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं जैसे ही यह पाठ्यक्रम बनकर तैयार होगा। इसके बाद स्कूलों में बच्चों को यह पाठयक्रम लागू कर दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम के तहत स्कूल में 8 से 12वीं तक के बच्चों को सड़क सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी, जिसमें माह में एक से दो पीरियड बच्चों के लिए लगाए जाएंगे, जिसमें सड़क हादसों के कारणों व यातायात के नियमों के बारे में बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

पाठयक्रम शुरू करने से पहले विभाग देगा शिक्षकों को ट्रेनिंग

स्कूलों में सड़क सुरक्षा पर पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले विभाग की ओर से स्कूलों में शिक्षकों को ट्रेनिंग देगा। इसके लिए विभाग स्कूलों के इच्छुक शिक्षकों का चयन करेगा। हर स्कूल से 2 शिक्षकों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर स्कूल में माह में एक बार बच्चों को सड़क पर सुरक्षित सफर का ज्ञान देंगे। इसके लिए स्कूलों में नोडल अधिकारी भी तैनात किया जाएगा।

वाहन चलाने के नियमों पर अधिक रहेगा फोकस

प्रदेश में होने वाले हादसों में हुई मौतों में सबसे अधिक मौतों का आंकड़ा 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग का है। ऐसे में पाठ्यक्रम में 10वीं, 11वीं व 12वीं के बच्चोंं को वाहन चलाने के नियमों के बारे में अधिक जानकारी दी जाएगी क्योंकि वाहन चलाने की इच्छा सभी युवाओं में होती है और अक्सर जोश में होश खोकर अपनी जान गंवा बैठते हैं। यदि युवा छोटी कक्षाओं में ही वाहन चलाने को लेकर जागरूक होंगे तो वह अपना संयम नहीं खोएंगे और एक बेहतर चालक बनेंगे।

क्या बोले परिवहन विभाग के निदेशक

परिवहन विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप ने बताया कि स्कूली विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा व सड़क यातायात नियमों के पाठ पढ़ाने के लिए यह विषय पाठ्यक्रम में जोड़ा जा रहा है। इसके लिए शिक्षा बोर्ड को प्रस्ताव भेजा था, जिसका जवाब आ गया है और डाईट में सड़क  सुरक्षा पर पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। पाठ्यक्रम तैयार होने और स्कूलों में चयनित शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के बाद यह स्कूलों में यह पाठ्यक्रम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

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