Weather update: ऊंची चोटियों पर हिमपात, मैदानी इलाकों में घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Jan, 2026 07:41 PM

shimla weather cold

राजधानी शिमला को छोड़कर आखिरकार पर्यटन स्थलों कुफरी व मनाली सहित राज्य की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ, जिससे सैलानियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

शिमला (संतोष): राजधानी शिमला को छोड़कर आखिरकार पर्यटन स्थलों कुफरी व मनाली सहित राज्य की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ, जिससे सैलानियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। सिस्सू, चम्बा, जोत, डल्हौजी, अटल टनल रोहतांग, गोंदला, मनाली के सोलंग नाला, कांगड़ा की धौलाधार की पहाड़ियों व कुफरी में बर्फ के फाहे गिरे, जबकि सोलन व ऊना में बारिश हुई है। राजधानी शिमला व मनाली शहर बर्फबारी के लिए तरस गए हैं। बर्फबारी की चाह में उमड़े हजारों सैलानियों के हाथ निराशा ही आई है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर आधी रात तक जश्न, संगीत व नाच-गाने के बावजूद बर्फ न गिरने से उनका उत्साह फीका पड़ गया। क्रिसमस के बाद नए साल पर भी हिमाचल के इन प्रमुख हिल स्टेशनों में बर्फबारी नहीं हुई, जबकि पूरा विंटर सीजन अब तक सूखा ही बना हुआ है और शिमला व मनाली पहली बर्फबारी को तरस गए हैं। बुधवार रात्रि को कोकसर में 1.7, गोंदला में 0.3 सैंटीमीटर हिमपात रिकार्ड किया गया है। गुरुवार को राज्य के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ही हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जिसमें लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चम्बा के ऊंचे भाग शामिल हैं। शिमला व मनाली में दिन भर बादल छाए रहे और हल्की वर्षा भी हुई, लेकिन बर्फबारी नहीं हुई।

दिसम्बर-2025 में सबसे कम वर्षा का रिकार्ड हुआ दर्ज
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार दिसम्बर माह पूरी तरह से शुष्क बना रहा। केवल 3 दिन छिटपुट वर्षा दर्ज की गई। राज्य में दिसम्बर माह में 38.1 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होती है, लेकिन इसमें 99 फीसदी कमी रही है। केवल लाहौल-स्पीति में 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में 1901-2025 की अवधि में छठी सबसे कम वर्षा 0.1 मिलीमीटर इस वर्ष दिसम्बर माह में हुई है। सबसे अधिक वर्षा 1929 में दिसम्बर 176 मिलीमीटर दर्ज की गई थी। दिसम्बर माह में वर्ष 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में 0.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

आज से समूचे सप्ताह साफ रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में साफ किया है कि 2 से 7 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा तथा इस दौरान कहीं भी बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है। ऐसे में बर्फ का इंतजार कर रहे सैलानियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभाग ने अगले 3 दिन तक राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी किया है, जबकि अगले 2 दिन शीतलहर चलने की चेतावनी भी दी गई है। गुरुवार सुबह सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी केवल 400 मीटर दर्ज की गई, बिलासपुर में 500 मीटर, जबकि कांगड़ा और मंडी में 800-800 मीटर दृश्यता रही।

तापमान में आई गिरावट
राज्य में ऊंचे इलाकों में ताजा हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण न्यूनतम ही नहीं, अपितु अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान बजौरा में 20.3 डिग्री रहा, जबकि ऊना में 16.8 व शिमला में 10 डिग्री रहा है। राजधानी शिमला में 10 डिग्री न्यूनतम तापमान चल रहा था, लेकिन अब अधिकतम तापमान 10 डिग्री पहुंच गया है। ताजा हिमपात व बारिश के कारण प्रदेश का औसतन न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सैल्सियस तक लुढ़क गया है। इससे ठंड में इजाफा हुआ है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 4.8, ताबो में माइनस 3.4, किन्नौर के कल्पा में माइनस 0.4 और शिमला जिले के नारकंडा में 0.5 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख स्थानों में शिमला का न्यूनतम तापमान 4, सुंदरनगर 5.8, भुंतर 5, धर्मशाला 5, ऊना 8.5, नाहन 7.9, पालमपुर 3, सोलन 3.2, मनाली 5.1, कांगड़ा 5.5, मंडी 6.7, बिलासपुर 7.5, हमीरपुर 5.2, जुब्बड़हट्टी 6.8, कुफरी 1.5, रिकांगपिओ 2.8 और सेओबाग में 6 डिग्री सैल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। शिमला में रात का पारा 4.7 डिग्री तक गिर गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही।

 

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