Edited By Kuldeep, Updated: 14 Jan, 2026 04:58 PM

केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान की भरपाई के लिए स्वीकृत पीडीएनए (पोस्ट डिजास्टर नीड्स असैसमैंट) पैकेज की दूसरी किस्त के रूप में हिमाचल प्रदेश को 600 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं।
शिमला (भूपिन्द्र): केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान की भरपाई के लिए स्वीकृत पीडीएनए (पोस्ट डिजास्टर नीड्स असैसमैंट) पैकेज की दूसरी किस्त के रूप में हिमाचल प्रदेश को 600 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। इससे राज्य में चल रहे पुनर्निर्माण और पुनर्बहाली कार्यों को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि इस राशि के उपयोग में राज्य सरकार को भी 25 प्रतिशत अंशदान स्वयं वहन करना होगा। केंद्र सरकार ने 2023 की आपदा के बाद राज्य में हुए व्यापक नुक्सान का आकलन कर कुल 2,000 करोड़ रुपए की सहायता राशि मंजूर की थी।
इसमें से 75 फीसदी केंद्र सरकार जारी करेगी तथा शेष 25 फीसदी राशि को राज्य सरकार को वहन करना होगा। इससे पहले पहली किस्त के रूप में राज्य को करीब 450 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। दूसरी किस्त जारी होने के साथ ही अब तक केंद्र सरकार कुल स्वीकृत राशि का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जारी कर चुकी है। जानकारी है कि तीसरी और अंतिम किस्त अगले माह मिलने की संभावना है। अंतिम किस्त मिलने के बाद विभिन्न विभागों में लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सुविधा होगी। सरकार ने पहले ही सभी विभागों के लिए बजट आबंटन और प्राथमिकताएं तय कर रखी हैं, उसी अनुसार धनराशि संबंधित विभागों को जारी की जाएगी।
पीडीएनए के तहत प्राप्त होने वाली यह राशि आवास निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सामुदायिक भवन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन, कृषि एवं बागवानी, पर्यटन, सड़क एवं परिवहन, पेयजल एवं स्वच्छता तथा बिजली क्षेत्र में खर्च की जाएगी। आपदा के दौरान सबसे अधिक नुक्सान मकानों, सड़कों, पुलों, बिजली लाइनों और पेयजल योजनाओं को हुआ था। कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, बागवानों और पशुपालकों की आजीविका भी बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
केंद्र से मिली राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुरूप किया जाएगा। सरकार द्वारा प्रत्येक विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। उधर, केंद्र से जारी यह सहायता राशि से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली तेजी से संभव हो सकेगी। दूसरी किस्त मिलने से ठप्प पड़े कई विकास कार्यों के दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।