Edited By Kuldeep, Updated: 22 Jan, 2026 07:32 PM

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। ऐसे में भाजपा नेताओं को फिर राज्यसभा चुनाव के समय ऑप्रेशन लोटस के बारे में नहीं सोचना चाहिए, क्योंकि यह पहले भी फेल हो चुका है।
शिमला (कुलदीप): उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। ऐसे में भाजपा नेताओं को फिर राज्यसभा चुनाव के समय ऑप्रेशन लोटस के बारे में नहीं सोचना चाहिए, क्योंकि यह पहले भी फेल हो चुका है। मुकेश अग्निहोत्री शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की तरफ से उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह सरकार के महत्वपूर्ण युवा सहयोगी हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी भावनाओं को सांझा किया है। उन्होंने अधिकारियों को लेकर अपनी तरफ से पहले की गई टिप्पणी को लेकर कहा कि आकाशवाणी एक बार होती है और अब यह चैप्टर क्लोज हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है तथा सभी सहयोगियों को जनहित में काम करने के लिए मिलकर आगे बढ़ना है।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे केंद्र से मिलने वाली राशि को लेकर विलंब न करवाएं और न ही इसे रुकवाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सबके लिए प्रदेश हित सर्वोच्च होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की तरफ से घोषित 1,500 करोड़ रुपए और जल जीवन मिशन के 1,200 करोड़ रुपए का प्रदेश सरकार को इंतजार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पी.डी.एन.ए. राशि मिलने में देरी हो रही है तथा वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा की राशि भी अब तक पूरी नहीं मिली है, जबकि वर्ष 2026 शुरू हो चुका है। कांग्रेस सरकार की तरफ से कर्मचारियों को पुरानी पैंशन देने की एवज में पहले ही 1,600 करोड़ रुपए का कट लगा है तथा राजस्व घाटा अनुदान, जो पिछले वर्ष 6,200 करोड़ रुपए मिला, वह इस बार 3,200 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
शिमला रोप-वे प्रोजैक्ट को मंजूरी, केंद्र को लेना है निर्णय
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शिमला में यातायात की समस्या से निजात दिलाने के लिए 13 से 14 किलोमीटर लंबे रोप-वे प्रोजैक्ट को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिली चुकी है। इसमें केंद्र सरकार ने 80 फीसदी पैसा लगाना है और अब उसी के स्तर पर निर्णय लिया जाना है। उन्होंने कहा कि पहले प्रोजैक्ट की कीमत 1,556 करोड़ रुपए थी, जिसकी कीमत विलंब के कारण 1,000 करोड़ रुपए बढ़ चुकी है। इसमें विलंब का कारण कई तरह की क्लीयरैंस लेना रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के नड्डी में 7 से 8 करोड़ रुपए का जिप लाइन प्रोजैक्ट मंजूर हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है, जब टैंपल टूरिज्म के लिए लगने वाले प्रोजैक्टों को सिरे चढ़ाया जाए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन विभाग ने 3 वर्ष में 2,700 करोड़ रुपए कमाए हैं।