Edited By Kuldeep, Updated: 13 Jan, 2026 06:52 PM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि न्यूजीलैंड से आयात किए जाने वाले सेब पर आयात शुल्क घटाने से बागवानों के हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि न्यूजीलैंड से आयात किए जाने वाले सेब पर आयात शुल्क घटाने से बागवानों के हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह इस विषय के सकारात्मक समाधान के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाएंगे। वह केन्द्रीय वित्त मंत्री तथा केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री से भेंट कर प्रदेश के बागवानाें के हितों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए आग्रह करेंगे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को शिमला में प्रदेश के बागवानों के प्रतिनिधियों और प्रगतिशील बागवानों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि सेब उत्पादन प्रदेश की आर्थिकी का प्रमुख संसाधन है और इसका संरक्षण व संवर्द्धन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में बागवानों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव सी. पालरासु, निदेशक बागवानी विनय सिंह, हिमाचल सेब उत्पादक संघ की राज्य कमेटी के अध्यक्ष संजय चौहान, हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव राकेश सिंघा, स्टोन फूट ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा, प्रोग्रैसिव ग्रोवर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान और प्रगतिशील बागवान बैठक में उपस्थित थे।
जरूरत पड़ी तो लड़ी जाएगी लड़ाई : जगत
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा न्यूजीलैंड के सेब पर आयात शुल्क 50 फीसदी से 25 फीसदी करने से सभी बागवान व सरकार चिंतित है, क्योंकि इससे हिमाचल की 5 हजार करोड़ की सेब आर्थिकी पर बहुत बड़ी चोट लगेगी। साथ ही अब यूएसए के सेब पर जीरो आयात शुल्क करने का अंदेशा जताया जा रहा है। ऐसे में पहले केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांग रखी जाएगी तथा यदि जरूरत पड़ी तो लड़ाई लड़ी जाएगी।
किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री से मिलने तथा जम्मू-कश्मीर के किसानों के साथ दिल्ली कूच करने का दिया सुझाव
हिमाचल किसान सभा, संयुक्त किसान मंच, हिमाचल सेब उत्पादक संघ, प्रोग्रैसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन और प्लम ग्रोवर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न किसान और बागवान संगठनों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार सभी राजनीतिक दलों के सांसदों व विधायकों, किसान-बागवान संगठनों और उत्पादकों को साथ लेकर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करे तथा व्यापार समझौतों के तहत सेब और अन्य कृषि उत्पादों को इससे बाहर रखने की मांग उठाए। साथ ही बागवान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र की मोदी सरकार सेब और अन्य कृषि उत्पादों को मुक्त व्यापार समझौतों से बाहर नहीं करती तो मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर सरकार से बातचीत कर वहां के किसानों को भी साथ लेकर संयुक्त रूप से दिल्ली कूच की योजना बनाए।