Shimla: हाईकोर्ट ने JBT अध्यापकों के चयन से जुड़ा रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए

Edited By Kuldeep, Updated: 14 Nov, 2025 09:21 PM

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प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी अध्यापकों के चयन से जुड़ा रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 28 फरवरी के आदेशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा 14 नवम्बर, 2024 को जेबीटी शिक्षकों के 1,161 पदों को बैचवाइज भरने हेतु जारी भर्ती प्रक्रिया के अंतिम...

शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी अध्यापकों के चयन से जुड़ा रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 28 फरवरी के आदेशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा 14 नवम्बर, 2024 को जेबीटी शिक्षकों के 1,161 पदों को बैचवाइज भरने हेतु जारी भर्ती प्रक्रिया के अंतिम परिणाम की घोषणा करने पर रोक लगा रखी है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने भर्ती नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात आदेश दिए थे कि शिक्षा विभाग हालांकि काऊंसलिंग प्रक्रिया जारी रख सकता है, लेकिन अंतिम परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना तैयार नहीं किया जाएगा।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि हिमाचल प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा विभाग में जूनियर बेसिक ट्रेनिंग टीचर्स के पद के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार जेबीटी के पदों पर सीधी भर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से 50 प्रतिशत तथा संबंधित जिले के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक के माध्यम से बैचवार आधार पर 50 प्रतिशत के माध्यम से भरा जाना आवश्यक है, जबकि शिक्षा विभाग ने बैचवार कोटे में शारीरिक रूप से विकलांग कोटे के लिए दिए जाने वाले आरक्षण की अनदेखी करते हुए सीधी भर्ती के माध्यम से उक्त श्रेणी के पदों को 100 प्रतिशत भरने की कार्रवाई शुरू की है।

कोर्ट ने आर एंड पी नियमों के खंड 10 का अवलोकन करने के बाद पाया था कि जेबीटी शिक्षक के 50 प्रतिशत पदों को हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के माध्यम से अनुबंध के आधार पर सीधी भर्ती द्वारा भरा जाना आवश्यक है, जबकि शेष पद 50 प्रतिशत संबंधित जिले के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक के माध्यम से बैचवार आधार पर भरे जाने हैं। कोर्ट ने कहा था कि चूंकि सभी श्रेणियों के पदों को आर एंड पी नियमों के आधार पर भरा जाना है, इसलिए शारीरिक रूप से विकलांगों की श्रेणी में उपलब्ध पद को भी आर एंड पी नियमों के अनुसार भरा जाना आवश्यक है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया था कि इस मामले में प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जो शारीरिक रूप से विकलांग श्रेणी के तहत जेबीटी के नियमित पदों पर नियुक्ति के लिए काऊंसलिंग के लिए उम्मीदवारों को आमंत्रित करने की कार्रवाई की है, वह आर एंड पी नियमों के अनुसार नहीं है।

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