Shimla: हिमाचल में अब स्टीक व जल्द होगी मिट्टी की जांच

Edited By Kuldeep, Updated: 24 Nov, 2025 10:34 PM

shimla himachal soil testing

हिमाचल प्रदेश में अब मिट्टी की जांच स्टीक होगी तथा जांच भी जल्द होगी। कृषि विभाग उच्च तकनीक की 2 मिट्टी जांच मशीनें (इंडक्टिवली कपल्ड एमीशन प्लाज्मा ऑप्टिकल स्पैक्टोमीटर) खरीद रहा है।

शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में अब मिट्टी की जांच स्टीक होगी तथा जांच भी जल्द होगी। कृषि विभाग उच्च तकनीक की 2 मिट्टी जांच मशीनें (इंडक्टिवली कपल्ड एमीशन प्लाज्मा ऑप्टिकल स्पैक्टोमीटर) खरीद रहा है। ये मशीनें शिमला व कांगड़ा में स्थापित की जाएंगी। उच्च तकनीक की इन मशीनों से त्रुटि की संभावना कम रहेगी। इन मशीनों से कम समय में हाई क्वालिटी की टैस्टिंग होगी। राज्य में अभी कई वर्ष पुरानी तकनीक से मिट्टी की जांच की जा रही है। इसमें कम से कम एक सप्ताह से 15 दिन तक का समय लगता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

इंडक्टिवली कपल्ड एमीशन प्लाज्मा ऑप्टिकल स्पैक्टोमीटर के लगने से अधिक तेजी से तथा 2 से 3 दिन के अंदर ही मिट्टी की जांच हो जाएगी। इस मशीन से मिट्टी की उर्वरता की क्षमता का भी पता चलेगा। इस मशीन की सटीकता 99 फीसदी तक है। ऐसे में इस मशीन में त्रुटि की संभावना कम होगी। वहीं उर्वरता की क्षमता का पता चलने से किसान व बागवान अपने खेतों में उसी के आधार पर खाद का प्रयोग भी कर सकते हैं, साथ ही उसके अनुसार वे अपने खेतों में फसल की बुवाई कर सकेंगे। करीब 50 से 60 लाख रुपए की लागत से लगने वाली इस मशीन से राज्य में फलों, सब्जियों व अन्न का उत्पादन बढ़ेगा तथा किसानों को लाभ होगा।

निदेशक कृषि डा. रविंदर जस्रोटिया ने बताया कि मिट्टी की जांच के लिए विभाग उच्च तकनीक की दो मशीनों को खरीद रहा है। इससे जल्दी व स्टीकता से मिट्टी की जांच होगी। इसके लिए टैंडर आमंत्रित किए गए हैं। आधुनिक तकनीक की इन मशीनों से राज्य में उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा किसानों को भी लाभ होगा।

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