Edited By Kuldeep, Updated: 06 Jan, 2026 11:34 PM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एच.पी.एस.ई.बी.एल.) में किए गए डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों के अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एच.पी.एस.ई.बी.एल.) में किए गए डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसके तहत वार्षिक खर्च 12.29 करोड़ रुपए से घटकर 6.68 करोड़ रुपए रह गया है। इन सुधारों से प्रतिवर्ष लगभग 5.61 करोड़ रुपए की सीधी बचत होगी, जिससे 3 वर्ष में कुल 16.83 करोड़ रुपए का लाभ होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला से जारी बयान में कहा कि पारदर्शी खरीद प्रक्रिया अपनाने और महंगी आऊटसोर्सिंग पर निर्भरता कम करने से एचपीएसईबीएल के बिजली बिलिंग और एंटरप्राइज रिसार्स प्लानिंग (ईआरपी) सहायता सेवाओं पर होने वाला खर्च 46 फीसदी तक कम हुआ है। इज ऑफ लिविंग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचपीएसईबीएल का डिजिटलीकरण राज्य के लगभग 29 लाख घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा कि नए बिजली कनैक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन, स्मार्ट बिलिंग, प्री-पेड सेवाएं, ऑनलाइन बिल भुगतान और डिजिटल शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं से प्रक्रियागत देरी कम हुई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं को सशक्त बनाने और कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए एचपीएसईबीएल में एंड टू एंड डिजिटलीकरण लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एग्रीगेट टैक्नीकल और कमर्शियल (एटी एंड सी) हानि को कम करने, स्मार्ट और प्री-पेड मीटर के माध्यम से समय पर बिलिंग और राजस्व वसूली सुनिश्चित करने, राजस्व घाटा कम करने तथा परिचालन व्यय के युक्तिकरण पर विशेष बल दे रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर बिजली खरीद योजना, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और बिजनैस इंटैलीजैंस (बी.आई.) जैसे आधुनिक तकनीकी प्लेटफार्म के एकीकरण से बोर्ड की वित्तीय स्थिरता और अधिक मजबूत होगी तथा प्रदेश में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का उद्देश्य संस्थानों को आत्मनिर्भर, जवाबदेही और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि वर्ष 2027 तक एक आधुनिक और आत्मनिर्भर हिमाचल की मजबूत नींव रखी जा सके।