Edited By Kuldeep, Updated: 28 Jan, 2026 10:09 PM

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार को दिल्ली में ही मौजूद रहे। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।
शिमला (राक्टा): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार को दिल्ली में ही मौजूद रहे। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। बीते दिन मुख्यमंत्री की पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी अहम बैठक हुई। इसके साथ ही प्रदेश प्रभारी से भी उनकी मुलाकात हुई, जिसमें संगठन और सरकार से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सुक्खू ने इन बैठकों के दौरान हिमाचल प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, प्रशासनिक चुनौतियों और सरकार की प्राथमिकताओं को पार्टी नेतृत्व के सामने रखा।
उन्होंने प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं, वित्तीय स्थिति और संगठनात्मक समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत की। पार्टी नेतृत्व को जमीनी हालात से अवगत करवाया गया। सूचना के अनुसार दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की खाली होने वाली एक सीट को लेकर भी मंथन किया गया। जून माह में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का कार्यकाल पूरा हो रहा है, जिसके चलते इस सीट पर चुनाव होना है। इसी को लेकर पार्टी स्तर पर संभावित नामों पर विचार-विमर्श हुआ।
सूत्रों का कहना है कि पिछली परिस्थितियों से सबक लेते हुए इस बार पार्टी हाईकमान इस पूरे मामले में पूरी तरह सतर्क और सख्त नजर आ रहा है, ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक असहमति या विवाद से बचा जा सके।हालांकि अभी तक किसी नाम पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन विभिन्न नामों पर चर्चा जरूर हुई है। वहीं वीरवार को मुख्यमंत्री सुक्खू कुछ केंद्रीय नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद उनका शिमला लौटने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
शिमला पहुंचने के बाद वे दिल्ली दौरे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और पार्टी नेताओं के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। गौर हो की 2024 में भी हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट खाली हुई थी। तब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा के चुनाव हुए थे। उस समय कांग्रेस के 6 विधायकों और 3 निर्दलीय विधायकों को साथ लेकर भाजपा अपने उम्मीदवार हर्ष महाजन को जिताने में कामयाब हो गई थी।
उस समय कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल प्रदेश से अपने राष्ट्रीय नेता अभिषेक मनु सिंघवी को उम्मीदवार बनाया था। भाजपा ने कांग्रेस से आए पूर्व मंत्री हर्ष महाजन को प्रत्याशी बनाया था। हर्ष यह चुनाव जीत गए। कांग्रेस ने इसे भाजपा की ओर से ऑप्रेशन लोटस के तहत रची साजिश बताया था। हालाकि, बाद में हुए विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस 40 और भाजपा 28 सीटों के आंकड़े पर फिर पहुंची। इस बार कांग्रेस पिछली घटना से सीख लेकर पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। वही कांग्रेस हाईकमान खाली हो रही राज्यसभा सीट पर इस बार भी किसी राष्ट्रीय नेता को भेजेगी या फिर हिमाचल के नेता पर ही विश्वास जताएगी, इसको लेकर अंदरखाते चर्चाओं का दौर जारी है
देखा जाए तो खाली हो रही राज्यसभा सीट के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री, आनंद शर्मा, पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के नाम भी दावेदारों में माने जा रहे हैं। हालांकि अभी किसी नेता ने इस बारे अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस में क्या समीकरण उभर कर सामने आते हैं।