Edited By Kuldeep, Updated: 12 Jan, 2026 09:09 PM

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों और उपक्रमों की समीक्षा बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
शिमला (ब्यूरो): ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों और उपक्रमों की समीक्षा बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बांधों और जलाशयों से गर्मियों के मौसम में होने वाले पानी के वाष्पीकरण का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में बढ़ता धुंध का स्तर चिंता का विषय है। इस संबंध में यह अध्ययन किया जाना आवश्यक है कि क्या बांधों और जलाशयों से होने वाले वाष्पीकरण का बादल फटने जैसी घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं।
उन्होंने इस विषय पर गहन और तथ्यपरक अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश में ग्लेशियरों के पिघलने की दर और बाढ़ प्रबंधन से जुड़े पहलुओं का भी वैज्ञानिक अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना पारिस्थितिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और इससे प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित होता है।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरों को लेकर विस्तृत चर्चा की तथा फीडर बिलिंग की मैपिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होने से राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 1229 मैगावाट की वृद्धि हुई है, जो प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।