Edited By Kuldeep, Updated: 18 Mar, 2026 10:14 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा है कि चैक बाऊंस के दोषी की मृत्यु के बावजूद शिकायतकर्त्ता दोषी की संपत्ति से मुआवजा राशि वसूलने का अधिकार रखता है।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा है कि चैक बाऊंस के दोषी की मृत्यु के बावजूद शिकायतकर्त्ता दोषी की संपत्ति से मुआवजा राशि वसूलने का अधिकार रखता है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्त्ता दोषी के कानूनी वारिसों के खिलाफ मुआवजे से जुड़ा मामला दायर करने के लिए स्वतंत्र है और इसके लिए किसी न्यायालय से छूट मांगने की आवश्यकता नहीं है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने तारा चंद दामोदरी की याचिका का निपटारा करते हुए यह व्यवस्था दी है।
कोर्ट ने कहा कि चूंकि यह निर्विवाद है कि याचिकाकर्त्ता-आरोपी का निधन हो चुका है इसलिए आपराधिक मामलों में आरोपी की मौत के बाद अभियोजन अथवा याचिका समाप्त माना जाती है। कोर्ट ने कहा कि यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि मृतक-आरोपी द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे को शिकायतकर्त्ता मृतक-आरोपी की संपत्ति से, यदि कोई हो, उचित न्यायालय में उचित कार्रवाई करके वसूल कर सकता है। इसके लिए न्यायालय द्वारा शिकायतकर्त्ता को कोई अन्य स्वतंत्रता देने की आवश्यकता नहीं है।