Shimla: राज्य में पशु मित्र भर्ती के लिए अब फिजिकल टैस्ट किया गया अनिवार्य, अधिसूचना हुई जारी

Edited By Kuldeep, Updated: 14 Mar, 2026 05:25 PM

shimla animal friend recruitment physical test prevention

राज्य में पशु मित्र भर्ती को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब पशु मित्र भर्ती के लिए फिजिकल टैस्ट को अनिवार्य बनाया गया है।

शिमला (संतोष): राज्य में पशु मित्र भर्ती को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब पशु मित्र भर्ती के लिए फिजिकल टैस्ट को अनिवार्य बनाया गया है। राज्य में पशु मित्र भर्ती को लेकर सरकार ने पशु मित्र नीति-2025 में संशोधन किया है। पशुपालन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के अनुसार अब पशु मित्र बनने के लिए उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा पास करनी होगी। पुरुष उम्मीदवारों को 30 मिनट के भीतर 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी, जबकि महिला उम्मीदवारों को 10 मिनट में 1500 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी।

यह पूरी परीक्षा विभाग द्वारा तय मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) के तहत करवाई जाएगी। कुछ समय पहले पशु मित्र भर्ती के दौरान महिलाओं से बोरी उठाकर दौड़ लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस दौरान कई महिलाएं दौड़ते हुए गिरती भी दिखाई दी थीं। इस घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद पशुपालन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी। अब विभाग ने नीति में संशोधन करते हुए नए नियम तय किए हैं।

पहले की व्यवस्था में पासआऊट हुए उम्मीदवारों को दोबारा नहीं देनी होगी परीक्षा
पशुपालन विभाग का कहना है कि पशु मित्र ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्हें पशु चिकित्सालयों और पशुपालन फार्मों में कई तरह के काम करने पड़ते है, जिनके लिए शारीरिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। इसी वजह से अब चयन प्रक्रिया में शारीरिक क्षमता की जांच को शामिल किया गया है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले की व्यवस्था के तहत शारीरिक परीक्षा पास कर ली थी, उन्हें दोबारा परीक्षा नहीं देनी होगी।

ऐसे उम्मीदवारों को सीधे अगली काऊंसलिंग या चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। वहीं जो उम्मीदवार पहले शारीरिक परीक्षा पास नहीं कर पाए थे, उन्हें नई व्यवस्था के अनुसार फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा। सरकार ने आवेदन की कट-ऑफ तिथि में भी बदलाव किया है। अब नियम के अनुसार 31 दिसम्बर, 2025 तक ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में दर्ज आवेदक या उसके परिवार के नाम पशुधन होना चाहिए। इसके साथ ही यह पशुधन भारत पशुधन पोर्टल पर 31 दिसम्बर 2025 या उससे पहले पंजीकृत होना जरूरी होगा।

पशु मित्रों को अपने कार्य के दौरान करने पड़ते हैं कई काम
विभाग के अनुसार पशु मित्रों को अपने काम के दौरान कई ऐसे कार्य करने पड़ते हैं, जिनमें शारीरिक ताकत और सहनशक्ति की जरूरत होती है। उदाहरण के तौर पर उन्हें तरल नाइट्रोजन से भरे कंटेनरों को उठाकर ले जाना पड़ता है। इन कंटेनरों की क्षमता 11 लीटर से लेकर 35 लीटर तक हो सकती है। इसके अलावा उन्हें गाय, भैंस, घोड़े, खच्चर, भेड़ और बकरियों जैसे पशुओं को संभालना भी पड़ता है। कई बार उपचार के दौरान लगभग 25 किलोग्राम तक वजन उठाना पड़ता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!