Edited By Kuldeep, Updated: 18 Jan, 2026 10:14 PM

मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के सभी 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘आंगनबाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के सभी 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘आंगनबाड़ी सह प्री-स्कूल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-आधारित प्रारंभिक शिक्षा दी जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत हो सके। इसके अलावा सरकार ने कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने सोलन, पालमपुर, बद्दी, गगरेट, नगरोटा बगवां सहित विभिन्न जिलों में 13 नए महिला छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। इन पर लगभग 132 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित और सस्ती आवास सुविधा प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रमुख ‘सुख आश्रय योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अनाथ बच्चों और बेसहारा महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इसके तहत राज्य सरकार उनकी परवरिश, शिक्षा और आजीविका की पूरी जिम्मेदारी उठाती है ताकि कोई भी बच्चा या महिला आत्मनिर्भर बनने की राह में पीछे न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य का शिशु लिंग अनुपात 947 से बढ़कर 964 हो गया है। यह बदलाव बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार के निरंतर और गंभीर प्रयासों का परिणाम है।