धर्मशाला में जून में होने वाले मुख्य सचिवों के सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

Edited By PTI News Agency, Updated: 16 May, 2022 07:11 PM

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शिमला, 16 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

शिमला, 16 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

राज्य जनसंपर्क विभाग की तरफ से जारी बयान में हालांकि दो दिवसीय सम्मेलन की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।
इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी का अपनी सरकार की आठवीं वर्षगांठ के मौके पर 31 मई को शिमला के रिज में एक जनसभा को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री के हिमाचल प्रदेश दौरे की अहमियत इस लिहाज से भी है कि दिसंबर में यहां चुनाव होने हैं।

बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सम्मेलन और जून में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित धर्मशाला दौरे को लेकर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह, प्रमुख सचिव देवेश कुमार और नीति आयोग के अधिकारी योगेश सूरी व संयुक्ता समद्दर भी मौजूद थे।
इसमें कहा गया कि ठाकुर ने प्रधानमंत्री मोदी से दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने का अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री लगभग पांच महीने पहले 27 दिसंबर को राज्य में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री के गृह जिले मंडी के पड्डल मैदान में एक रैली को संबोधित करने के लिए हिमाचल प्रदेश आए थे।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सतत पर्यटन, हवाई संपर्क और स्थायी विकास में सुधार के लिए नीति आयोग से सहयोग का भी आग्रह किया।

बयान में मुख्यमंत्री को उद्धृत करते हुए कहा गया, “हिमाचल ने पर्यटन विस्तार, स्वच्छ ऊर्जा, रोपवे संपर्कता, इलेक्ट्रिक वाहन और सतत विकास की दिशा में कई अभिनव कदम उठाए हैं।”
ठाकुर ने कहा कि रोपवे परियोजना के माध्यम से हिमाचल पर्यटन और संपर्कता के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाकर इलेक्ट्रिक और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा दे रहा है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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