Edited By Jyoti M, Updated: 11 Jan, 2026 03:47 PM

हिमाचल प्रदेश की वादियों में रोमांच के शौकीन सैलानियों के लिए रविवार का दिन एक बड़ी अनहोनी का गवाह बनते-बनते रह गया। कुल्लू की गड़सा घाटी में उड़ान भर रहे एक पैराग्लाइडर के साथ हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की वादियों में रोमांच के शौकीन सैलानियों के लिए रविवार का दिन एक बड़ी अनहोनी का गवाह बनते-बनते रह गया। कुल्लू की गड़सा घाटी में उड़ान भर रहे एक पैराग्लाइडर के साथ हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सुखद बात यह रही कि पायलट की सूझबूझ से एक पर्यटक को खरोंच तक नहीं आई।
हवा में बिगड़ा संतुलन, खेत के बीचों-बीच लैंडिंग फेल
गड़सा की खूबसूरत पहाड़ियों से टेक-ऑफ करने के बाद सब कुछ सामान्य था, लेकिन लैंडिंग के समय परिस्थितियां अचानक बदल गईं। पैराग्लाइडर अपने निर्धारित लैंडिंग पॉइंट तक नहीं पहुंच पाया और पास के ही एक खेत में खड़े ऊंचे पेड़ की टहनियों में जाकर फंस गया। अचानक हुए इस असंतुलन से ग्लाइडर अनियंत्रित हो गया और मौके पर मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई।
इस दुर्घटना में पायलट नीरज (गड़सा निवासी) को शरीर के कुछ हिस्सों में चोटें आई हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पायलट का मुख्य ध्यान सैलानी को सुरक्षित रखना था, जिसमें वह सफल भी रहा। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने बचाव अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित नीचे उतारा। घायल नीरज को अविलंब अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है।
जांच के घेरे में 'उड़ान': पुलिस और प्रशासन अलर्ट
हादसे की खबर मिलते ही भुंतर थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस की टीम अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि यह दुर्घटना:
अचानक बदले मौसम का परिणाम थी?
या फिर किसी तकनीकी खराबी की वजह से ग्लाइडर भटका?
या फिर लैंडिंग के दौरान मानवीय चूक हुई?
आधिकारिक प्रतिक्रिया: बरती जाएगी सख्ती
जिला पर्यटन विकास अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
"विभाग इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। यदि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कठोर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
स्थानीय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में पैराग्लाइडिंग साइट्स पर सुरक्षा ऑडिट और पायलटों के प्रशिक्षण को लेकर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं ताकि पर्यटन के इस रोमांच को सुरक्षित बनाया जा सके।