Edited By Vijay, Updated: 10 Apr, 2026 04:25 PM

हिमाचल प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मां नयनादेवी मंदिर और बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई को भाखड़ा डैम के जल क्षेत्र में केबल फेरी सेवा से जोड़ने की परियोजना को केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग...
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मां नयनादेवी मंदिर और बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई को भाखड़ा डैम के जल क्षेत्र में केबल फेरी सेवा से जोड़ने की परियोजना को केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। मंत्रालय की एक टीम जल्द ही स्थल का भौतिक निरीक्षण करने के लिए बिलासपुर पहुंचेगी।
एक साथ 30 गाड़ियां और 150 यात्री ले जाएगी केबल फेरी
दरअसल, नयनादेवी और शाहतलाई धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए न्यास प्रशासन ने यह योजना तैयार की थी। इसका प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजा गया था। हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के जरिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश और केंद्रीय अधिकारियों ने परियोजना की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। प्रस्तावित केबल फेरी सेवा आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसमें एक बार में लगभग 25 से 30 गाड़ियां (जिनमें कार, मोटरसाइकिल और स्कूटर शामिल हैं) तथा 100 से 150 यात्रियों को ले जाया जा सकेगा।
लंबे सड़क मार्ग से मिलेगी मुक्ति, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
फिलहाल दोनों धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को ऊना जिले से होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिसमें काफी समय खर्च होता है। केबल फेरी सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और श्रद्धालु एक ही दिन में मां नयनादेवी और बाबा बालक नाथ दोनों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे। यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

केंद्रीय टीम जल्द करेगी स्थल निरीक्षण
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंत्रालय की एक टीम ने गोबिंद सागर और कोलडैम में केबल-फेरी शुरू करने के लिए दौरा किया था, लेकिन उस समय सहमति नहीं बन पाई थी। बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही केंद्रीय टीम स्थल निरीक्षण करेगी, जिसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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