Edited By Vijay, Updated: 11 Feb, 2026 03:35 PM

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए विपक्षी दल भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए विपक्षी दल भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जिस ग्रांट को कभी प्रदेश हित में जरूरी बताकर सभी ने समर्थन दिया था, आज उस पर भाजपा चुप क्यों है? उन्होंने याद दिलाया कि जब हिमाचल को 11,431 करोड़ रुपए की ग्रांट मिली थी, तब कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इसका समर्थन किया था। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्ष के लिए राज्य हित अब भी प्राथमिकता है या यह केवल सत्ता की राजनीति का विषय रह गया है।
पहाड़ी राज्यों के लिए अनिवार्य है ग्रांट, फिर खामोशी क्यों?
मंत्री ने चिंता जताई कि आज जब आरडीजी की वार्षिक ग्रांट बंद होने की चर्चा है, तो विपक्ष जनता के लिए आवाज उठाने से कतरा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष खुद पहले यह मान चुका है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित राजस्व क्षमता के कारण यह ग्रांट अनिवार्य है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह मसला केवल किसी पार्टी का नहीं, बल्कि प्रदेश की जिम्मेदारी और पारदर्शिता से जुड़ा है। ऐसे में ग्रांट की निरंतरता पर हो रहे प्रहार के खिलाफ आवाज न उठाना कई सवाल खड़े करता है।
विपक्ष के व्यवहार को बताया राजनीतिक अवसरवादिता
विक्रमादित्य सिंह ने विपक्ष के वर्तमान रवैये को राजनीतिक अवसरवादिता करार दिया है। उनका कहना है कि यदि यह ग्रांट पहले प्रदेश की समृद्धि और वित्तीय सुरक्षा के लिए जरूरी थी, तो आज इसे कमजोर करने की कोशिशों का विरोध करना विपक्ष का नैतिक दायित्व बनता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रांट के प्रवाह को रोकने के किसी भी प्रयास के खिलाफ हर जनप्रतिनिधि को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए।