Edited By Jyoti M, Updated: 19 Feb, 2026 10:35 AM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक सरकारी कर्मचारी के साथ हुई 30 लाख रुपये की ठगी महज एक अपराध नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो सोशल मीडिया के 'शॉर्टकट' निवेश को हकीकत मान बैठते हैं।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक सरकारी कर्मचारी के साथ हुई 30 लाख रुपये की ठगी महज एक अपराध नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो सोशल मीडिया के 'शॉर्टकट' निवेश को हकीकत मान बैठते हैं।
इस वारदात की पटकथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लिखी गई। शातिरों ने 'वेल्थ एलायंस' और 'इंडियन सॉवरिन थिंकिंग' जैसे प्रभावशाली नामों वाले ग्रुप्स का सहारा लिया। खेल बहुत ही शातिर तरीके से खेला गया। पीड़ित को एक विशेष ऐप डाउनलोड करवाया गया। इस ऐप पर फर्जी आंकड़े दिखाकर यह एहसास कराया गया कि उनका निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
एक महीने के भीतर पीड़ित ने विश्वास में आकर 15 लाख और 14 लाख की दो बड़ी किस्तों समेत कुल 30 लाख रुपये ठगों के खातों में डाल दिए। जब कर्मचारी ने अपना मुनाफा और मूलधन निकालना चाहा, तो ठगों ने असली रंग दिखाया। उनसे 12 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई, जिसे 'निकासी शुल्क' के रूप में जमा करना अनिवार्य बताया गया। यहीं पर पीड़ित को अपनी गलती का एहसास हुआ।
मंडी में साइबर अपराध की बढ़ती दस्तक
मंडी जिला हाल के दिनों में साइबर अपराधियों के निशाने पर रहा है। इस 30 लाख की ठगी से पहले जनवरी माह में भी एक खौफनाक मामला सामने आया था, जहाँ 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर एक व्यक्ति से 98 लाख रुपये लूट लिए गए थे। उस मामले में अपराधियों ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर पीड़ित को वीडियो कॉल पर डराया था।
पुलिसिया कार्रवाई और अधिकारी की सलाह
साइबर थाना मध्य खंड (मंडी) में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साइबर पुलिस के डीआईजी रोहित मालपानी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच दल डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
सावधान रहने के सुनहरे नियम:
किसी भी निवेश से पहले देखें कि क्या वह संस्थान SEBI या RBI से मान्यता प्राप्त है। यदि कोई बहुत कम समय में पैसा दोगुना करने या बिना जोखिम के भारी मुनाफे का वादा करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर आए किसी भी अनजान लिंक या अनधिकृत ऐप को इंस्टॉल न करें। यदि आपको संदेह हो, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।