Edited By Jyoti M, Updated: 11 Feb, 2026 11:04 AM

साइबर अपराध की दुनिया अब इतनी शातिर हो चुकी है कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही ही नहीं, बल्कि आपकी सावधानी के बावजूद आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाला जा सकता है। मंडी जिले के सुंदरनगर से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने तकनीकी सुरक्षा के...
सुंदरनगर। साइबर अपराध की दुनिया अब इतनी शातिर हो चुकी है कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही ही नहीं, बल्कि आपकी सावधानी के बावजूद आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाला जा सकता है। मंडी जिले के सुंदरनगर से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने तकनीकी सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाली हुआ बैंक खाता, शेष बचे मात्र 18 रुपये
भोजपुर बाजार में चाय की दुकान चलाने वाले हनुमंत पवार के लिए उनकी दुकान सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनकी सालों की मेहनत का केंद्र है। लेकिन उनकी यह मेहनत तब मिट्टी में मिल गई जब उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते में जमा 1.35 लाख रुपये रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। जब उन्होंने अपना बैलेंस चेक किया, तो खाते में सिर्फ 18 रुपये की मामूली रकम बची थी।
बिना किसी सुराग के 'सफाई'
इस मामले का सबसे डरावना पहलू यह है कि यह ठगी पारंपरिक तरीके से हटकर हुई है। आमतौर पर साइबर ठग झांसा देकर ओटीपी (OTP) मांगते हैं या किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करवाते हैं, लेकिन पीड़ित का कहना है कि:
उन्होंने किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ कोई ओटीपी शेयर नहीं किया। मोबाइल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक को ओपन नहीं किया। बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के, अपराधियों ने बैंक के सुरक्षा घेरे को तोड़कर पूरी राशि पार कर दी।
पुलिस तफ्तीश में जुटी
पैसे गायब होने की सूचना मिलते ही पीड़ित ने तुरंत न्याय की गुहार लगाई है। सुंदरनगर पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
भारत भूषण, डीएसपी, सुंदरनगर का कहना है कि "यह मामला बेहद गंभीर है और साइबर अपराध के नए तरीकों की ओर इशारा करता है। हमारी टीम हर तकनीकी पहलू की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिना एक्सेस के यह ट्रांजेक्शन कैसे संभव हुआ।"
सावधानी ही बचाव है
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल दौर में अपराधी अब और भी ज्यादा एडवांस हो चुके हैं। पुलिस अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए ठगों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। व्यापारियों और आम जनता के बीच इस घटना के बाद से खौफ और चिंता का माहौल है।