Edited By Vijay, Updated: 03 Jan, 2026 06:30 PM

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित गवर्नमैंट कॉलेज में छात्रा से कथित रैगिंग, यौन उत्पीड़न और उसकी मौत के मामले में आरोपी असिस्टैंट प्रोफैसर अशोक कुमार ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित गवर्नमैंट कॉलेज में छात्रा से कथित रैगिंग, यौन उत्पीड़न और उसकी मौत के मामले में आरोपी असिस्टैंट प्रोफैसर अशोक कुमार ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। मीडिया के सामने आकर उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर उन पर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो वे किसी भी सजा को भुगतने के लिए तैयार हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रोफैसर अशोक कुमार ने कहा कि मेरी भी दो बेटियां हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। उनका मानना है कि सही जांच से ही दिवंगत छात्रा की आत्मा को शांति मिलेगी और उन्हें भी न्याय मिल सकेगा।
अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों पर अशोक कुमार ने कहा कि छात्रा ने ऐसे आरोप क्यों लगाए, यह सब क्यों हुआ, यह सब उनकी समझ से परे है। उन्हाेंने यदि छात्रा के साथ कॉलेज में कुछ गलत हो रहा था तो इसकी शिकायत की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना हुई थी तो छात्रा की तरफ से कॉलेज प्रशासन या एंटी रैगिंग कमेटी के पास शिकायत दर्ज करवाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा कुछ भी रिकॉर्ड पर नहीं है।
सरकार और विभाग द्वारा निलंबन की कार्रवाई पर पूछे गए सवाल के जवाब में अशोक कुमार ने कहा कि प्रशासन का फैसला सही है। अशोक कुमार ने कहा कि सरकार ने जो भी किया वह ठीक है, ताकि जांच में कोई व्यवधान न पड़े और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके।
गौरतलब है कि धर्मशाला कॉलेज की छात्रा पल्लवी की मौत और उससे पहले कथित रैगिंग/उत्पीड़न के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अब आरोपी प्रोफैसर के बयान के बाद पुलिस जांच की दिशा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।