Edited By Swati Sharma, Updated: 24 Feb, 2026 04:55 PM

Chamba News: हिमाचल प्रदेश में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला चंबा जिले के भटियात उपमंडल के ग्राम पंचायत ककरोटी के गौरता गांव से सामने आया है, जहां पर एक आदमखोर तेंदुए ने कहर बरपाते हुए एक साथ 22 भेड़-बकरियों को मौत के...
Chamba News: हिमाचल प्रदेश में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला चंबा जिले के भटियात उपमंडल के ग्राम पंचायत ककरोटी के गौरता गांव से सामने आया है, जहां पर एक आदमखोर तेंदुए ने कहर बरपाते हुए एक साथ 22 भेड़-बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। इस अचानक हुए हमले से पशुपालक को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जंगल में चरने गई थीं भेड़-बकरियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरता निवासी उद्यम सिंह ने अपनी भेड़-बकरियों को घर के पास स्थित जंगल में चरने के लिए छोड़ा था। शाम होने पर जब मवेशी वापस नहीं लौटे, तो उद्यम सिंह उनकी तलाश में जंगल की ओर निकले। वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। तेंदुए ने बेरहमी से 22 बेजुबान जानवरों को मार डाला था।
राहत की उम्मीद
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासन को सूचित किया गया। पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर कुलदीप सिंह ने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। नायब तहसीलदार सिहुंता ने हल्का पटवारी को मौके पर जाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। वहीं, वनरक्षक लेखराज ने बताया कि विभाग जल्द ही स्थिति का पूर्ण जायजा लेगा और सरकारी मैनुअल के अनुसार प्रभावित परिवार को फौरी राहत राशि प्रदान की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवर के इस हमले से गरीब पशुपालक की आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। हम प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग करते हैं।